Chhattisgarh High Court: जमीन गई तो नौकरी भी मिलेगी… 23 भू-विस्थापित परिवारों को HC से बड़ी राहत, SECL को दिए यह निर्देश

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने कोरबा जिले के ग्राम पाली के 23 भू-विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत दी है।

Chhattisgarh High Court: जमीन गई तो नौकरी भी मिलेगी… 23 भू-विस्थापित परिवारों को HC से बड़ी राहत, SECL को दिए यह निर्देश

Chhattisgarh High Court/Image: IBC24 File

Modified Date: June 18, 2026 / 01:47 pm IST
Published Date: June 18, 2026 1:47 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने SECL के अस्वीकृति आदेशों को निरस्त किया
  • 23 भू-विस्थापित परिवारों के रोजगार दावों पर पुनर्विचार का निर्देश
  • 45 दिनों के भीतर नया निर्णय लेने का आदेश

बिलासपुर। Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने कोरबा जिले के ग्राम पाली के 23 भू-विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने SECL को उनके रोजगार दावों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बदले रोजगार का मामला राज्य की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2007 के अनुसार तय होगा, न कि कोल इंडिया की पुनर्वास नीति-2012 के आधार पर.. मामले में जस्टिस एन के चंद्रवंशी के सिंगल बेंच में सुनवाई हुई।

हाइकोर्ट ने क्या कहा?

दरअसल, याचिकाकर्ताओं की जमीन कुसमुंडा विस्तार परियोजना के लिए वर्ष 2010 में अधिग्रहित की गई थी। SECL ने उनके रोजगार दावों को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि अधिग्रहित भूमि 0.54 एकड़ की निर्धारित कटऑफ सीमा से कम है। कोर्ट ने कहा है, राज्य की पुनर्वास नीति में ऐसी कोई न्यूनतम भूमि सीमा निर्धारित नहीं है। यदि किसी परिवार की पूरी कृषि भूमि अधिग्रहित हो गई है तो उसे रोजगार में प्राथमिकता देने का प्रावधान है। कोर्ट ने अपने पूर्व के फैसलों का हवाला देते हुए कहा है, राज्य सरकार की पुनर्वास नीति को वैधानिक संरक्षण प्राप्त है और वही प्रभावी रहेगी।

SECL को 45 दिनों के भीतर निर्णय लेने का आदेश

कोर्ट ने यह भी माना कि भूमि गंवाने वालों के पुनर्वास और आजीविका का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा है। कोर्ट ने SECL द्वारा पारित सभी अस्वीकृति आदेशों को निरस्त करते हुए निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं अथवा उनके नामित पात्र पारिवारिक सदस्यों को रोजगार देने के संबंध में 45 दिनों के भीतर नया निर्णय लिया जाए।

 

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.