चिदंबरम का कटाक्ष: ‘चर्चा रहित’ संसदीय लोकतंत्र जिंदाबाद

चिदंबरम का कटाक्ष: ‘चर्चा रहित’ संसदीय लोकतंत्र जिंदाबाद

चिदंबरम का कटाक्ष: ‘चर्चा रहित’ संसदीय लोकतंत्र जिंदाबाद
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: November 30, 2021 11:47 am IST

नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक को संसद में बिना चर्चा के पारित किए जाने को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और यह कहते हुए कटाक्ष किया कि ‘चर्चा रहित’ संसदीय लोकतंत्र जिंदाबाद है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘चर्चा से इनकार करने का कृषि मंत्री का तर्क समझ से परे है। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष सहमत होते हैं तो चर्चा की जरूरत नहीं होती है।’’

पूर्व गृह मंत्री ने कटाक्ष किया, ‘‘चर्चा रहित संसदीय लोकतंत्र जिंदाबाद।’’

पिछले करीब एक वर्ष से विवादों में घिरे और किसानों के आंदोलन का प्रमुख कारण बने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी इस विधेयक को बिना चर्चा के, संसद के दोनों सदनों में सोमवार को पारित कर दिया गया। इस विधेयक को बिना चर्चा के पारित किया जाने का कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भारी विरोध किया।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इन कानूनों को निरस्त करने पर औपचारिक मुहर लग जाएगी।

भाषा हक हक मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में