मुख्यमंत्री मान राष्ट्रपति से मिले; छह रास सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की

मुख्यमंत्री मान राष्ट्रपति से मिले; छह रास सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की

मुख्यमंत्री मान राष्ट्रपति से मिले; छह रास सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की
Modified Date: May 5, 2026 / 03:26 pm IST
Published Date: May 5, 2026 3:26 pm IST

(तस्वीरों सहित)

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उनसे राज्य के उन छह राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का आग्रह किया जो हाल में आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे।

पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के साथ मान दिल्ली में राष्ट्रपति भवन गए।

आम आदमी पार्टी (आप) को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा था जब राज्यसभा में उसके 10 सदस्यों में से सात- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी कि ‘आप’ अपने मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मान ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए सात सांसदों के दल-बदल को संविधान की ‘हत्या’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘सात सांसदों का दूसरी पार्टी में विलय करना पूरी तरह से असंवैधानिक है। मैंने राष्ट्रपति जी से इस बारे में विस्तार से बात की।’’

मान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति को बताया कि भाजपा के पास (पंजाब में) केवल दो विधायक सीट हैं, जबकि राज्यसभा में उसके छह सांसद हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘यह कैसे संभव है? क्या यह संविधान का मजाक नहीं है?’

मान ने उन पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ अगर वे दिल से इतने क्रांतिकारी हैं तो उन्हें अपनी सीटों से इस्तीफा दे देना चाहिए था। आम आदमी पार्टी किसी और को भेज सकती थी।’’

मान ने आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र राष्ट्रपति को सौंपा। उन्होंने ‘निर्वाचित’ और ‘चयनित’ शब्दों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा, ‘‘वे ‘चयनित’ थे। इसलिए, उनकी सदस्यता रद्द कर दी जानी चाहिए।’’

राष्ट्रपति ने मान को आश्वासन दिया कि जवाब देने से पहले वह संवैधानिक विशेषज्ञों से परामर्श करेंगी। इससे पहले दिन में, मान पार्टी विधायकों के साथ चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे।

दिल्ली रवाना होते समय, मान ने इस बात पर बल दिया कि ‘आप’ के सभी विधायक एकजुट हैं।

पत्रकारों से बातचीत में मान ने कहा, ‘‘बैठक के लिए केवल मुझे ही समय दिया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति संविधान की संरक्षक हैं। वह देश की संवैधानिक प्रमुख हैं।’’

बाद में उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा ‘‘पंजाब के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी है। आज, हम आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों के साथ पंजाब के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने और राष्ट्रपति के समक्ष राज्य की सशक्त आवाज उठाने के लिए रवाना हुए हैं।’

उन्होंने कहा कि, ‘‘ आपके लोकसेवक के रूप में, हमारी सरकार पंजाब की समृद्धि और समाज के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’’

दिल्ली रवाना होने से पहले विधायक और मंत्री सुबह मुख्यमंत्री के आवास पर इकट्ठा हुए और उन्होंने हाथों में तख्तियां ली हुई थीं जिन पर लिखा था ‘पंजाब मान दे नाल’ और ‘पंजाब के गद्दार’।

विधायक बसों से दिल्ली रवाना हुए थे।

भाषा शोभना नरेश

नरेश


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