आंबेडकर जयंती पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

आंबेडकर जयंती पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

आंबेडकर जयंती पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
Modified Date: April 14, 2026 / 01:52 pm IST
Published Date: April 14, 2026 1:52 pm IST

(तस्वीरों सहित)

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, झारखंड और केरल समेत विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य प्रमुख नेताओं ने मंगलवार को बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “बाबासाहेब का संघर्षमय जीवन और उनके विचार हमारी सरकार की सेवा यात्रा के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। माननीय प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम बाबासाहेब के सामाजिक न्याय के स्वप्न को साकार करने के लिए पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार दलितों, पिछड़ों और वंचितों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘बंगाल की विधानसभा ने संविधान सभा में बाबासाहेब के प्रवेश का रास्ता साफ किया था, जहां उनकी दूरदृष्टि वाले नेतृत्व ने हमारे राष्ट्र के भविष्य को आकार दिया।’’

महाराष्ट्र में, राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार तथा राज्य सरकार के मंत्री छगन भुजबल ने मुंबई के दादर स्थित आंबेडकर स्मारक चैत्यभूमि का दौरा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

चैत्यभूमि में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आंबेडकर ने ऐसी मजबूत संवैधानिक नींव रखी, जिसने भारत को एक सशक्त और जीवंत लोकतंत्र के रूप में उभरने में सक्षम बनाया।

इस मौके पर फडणवीस ने कहा कि आंबेडकर ने दिखाया कि कैसे “एक व्यक्ति, एक कलम और एक किताब” संविधान के माध्यम से एक राष्ट्र को बदल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आंबेडकर का योगदान सामाजिक सुधार से आगे बढ़कर आर्थिक चिंतन तक फैला हुआ था, जिसमें मौद्रिक नीति और भारतीय रुपये पर उनका कार्य शामिल है, जिसने भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना को भी प्रभावित किया।

शिंदे ने आंबेडकर को “ज्ञान का सूर्य” बताते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र को समानता, मानवता और न्याय के मूल्य दिए।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि आंबेडकर की जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि शोषितों, वंचितों और महिलाओं की गरिमा का उत्सव है।

उन्होंने कहा कि आंबेडकर का “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश आज भी सामाजिक सुधार आंदोलनों का मार्गदर्शन करता है और उन्होंने छुआछूत की बेड़ियों को तोड़ने तथा समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की संवैधानिक गारंटी सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस सरकार सामाजिक न्याय और समानता के लिए आंबेडकर से प्रेरणा लेकर प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने टैंक बंड स्थित आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने आंबेडकर की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संविधान निर्माता ने महिलाओं के समान अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क और अन्य नेताओं ने हैदराबाद में हुसैन सागर झील स्थित आंबेडकर की 125 फुट ऊंची प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

केरल में, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने फेसबुक पोस्ट में आंबेडकर के “सामाजिक न्याय और समानता के लिए अथक प्रयासों” को याद करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पकार हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेंगे।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में शिक्षण संस्थानों के परिसरों में जातीय भेदभाव समाप्त करने के लिए कानून के अभाव की ओर ध्यान आकर्षित किया।

उन्होंने कहा कि परिसरों में जातीय भेदभाव खत्म करने के लिए ‘रोहित वेमुला अधिनियम’ बनाने की लंबे समय से की जा रही मांग पर केंद्र ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।

उन्होंने कन्नूर के अंजराकांडी निजी मेडिकल कॉलेज में बीडीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र की हालिया कथित आत्महत्या की घटना का जिक्र करते हुए इसे “बेहद दुखद” बताया।

उन्होंने कहा कि आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन जातीय भेदभाव से मुक्त समाज के निर्माण के लिए समर्पित किया और अब समय है कि सभी लोग विभाजन और घृणा को बढ़ावा देने वाली प्रवृत्तियों के खिलाफ एकजुट हों।

कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशन और भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी आंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारतीय संविधान के शिल्पकार और महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं। समानता, न्याय और मानवाधिकारों के लिए उनका संघर्ष एक समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण के लिए लोगों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।”

राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब ने देश को ऐसा मजबूत लोकतांत्रिक आधार दिया, जिसमें समानता, समता, न्याय और अधिकार की आत्मा बसती है। संविधान की यही ताकत शोषित, वंचित, आदिवासी और पिछड़े समाज के लिए आशा, सम्मान और आगे बढ़ने का सबसे बड़ा सहारा बनी है।”

भाषा खारी वैभव

वैभव


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