चीनी वीजा ‘घोटाला’: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

चीनी वीजा ‘घोटाला’: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

चीनी वीजा ‘घोटाला’: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा
Modified Date: February 26, 2024 / 08:49 pm IST
Published Date: February 26, 2024 8:49 pm IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को इस बात को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया कि क्या कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और अन्य के खिलाफ दायर ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लिया जाए और उन्हें कथित चीनी वीजा घोटाला से जुड़े धन शोधन के मामले में तलब किया जाए। न्यायाधीश ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश वकील की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च का दिन तय किया। विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने कहा, ‘‘तलब करने के बिंदु पर आगे की दलीलें सुनी जा चुकी हैं। समन/संज्ञान के किसी बिंदु पर विचार या स्पष्टीकरण, यदि कोई हो, के लिए मामले को अब 16 मार्च, 2024 को दोपहर दो बजे सूचीबद्ध करें।’’ .

यह आरोपपत्र चिदंबरम, उनके तत्कालीन चार्टर्ड अकाउंटेंट एस भास्कररमन और कुछ कंपनियों समेत छह अन्य के खिलाफ दायर किया गया था। आरोपियों में पदम दुगर, विकास मखरिया, मंसूर सिद्दीकी, दुगर हाउसिंग लिमिटेड, एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और तलवंडी साबो पावर लिमिटेड भी शामिल हैं। ईडी ने वर्ष 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से संबंधित कथित घोटाले में आरोपियों के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया, तब उनके पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे। ईडी ने कहा कि मामले में शोधित धन की वास्तविक मात्रा अभी तक की जांच के दौरान स्थापित नहीं की गई है और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के मामले में 50 लाख रुपये की रिश्वत राशि को वर्तमान मामले का आधार नहीं माना जा सकता है। भाषा संतोष दिलीपदिलीप


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