आरटीआई आवेदन पर ‘आधारहीन’ जवाब देने के लिए सीआईसी ने वेंकटेश्वर कॉलेज को फटकार लगाई
आरटीआई आवेदन पर ‘आधारहीन’ जवाब देने के लिए सीआईसी ने वेंकटेश्वर कॉलेज को फटकार लगाई
नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग ने भर्ती में पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पूछे गए सवालों पर ‘बेतुके’ तरीके से जानकारी देने से इनकार के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज को फटकार लगाई।
हालांकि, कॉलेज ने यह दावा किया है कि ‘भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं है’ और नियुक्तियां दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार की गईं।
सूचना आयुक्त सुधा रानी रेलेन्जी ने एक हालिया आदेश में कहा कि कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों पर कॉलेज के जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) का जवाब “आरटीआई अधिनियम, 2005 की भावना के अनुसार नहीं था।”
अपीलकर्ता जवाहर सिंह ने भर्ती प्रक्रिया में ‘भ्रष्ट तरीकों’ का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि अयोग्य उम्मीदवारों को अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) और अन्य पदों पर नियुक्त किया गया था, और कुछ कर्मचारियों को गैर-पारदर्शी तरीके से हटा दिया गया था।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कॉलेज ने एक विशेष राज्य के उम्मीदवारों को तरजीह दी, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ था।
सुनवाई के दौरान, पीआईओ ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि ‘सभी कर्मचारियों की भर्ती विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों और विनियमों के अनुसार की जाती है’ और ‘भ्रष्टाचार के आरोप में कोई सच्चाई नहीं है।”
पीआईओ ने आरटीआई जवाब में देरी के लिए भी माफी मांगी और कहा कि अनजाने में ऐसा हुआ।
केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि कुछ सवालों का जवाब इस एक पंक्ति में देना कि ‘प्रश्न को धारा 2(एफ) के तहत परिभाषित नहीं किया गया’ ‘बिल्कुल बेतुका’ था।
आयोग ने दूसरी अपील स्वीकार करते हुए पीआईओ को निर्देश दिया कि वह संबंधित सवालों पर फिर से गौर करें और एक सप्ताह में संशोधित जवाब दें।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश

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