नागरिक संगठन ने जीएसटी चोरी पर रोक के लिए क्यूआर-आधारित बिल सत्यापन प्रणाली का प्रस्ताव रखा

नागरिक संगठन ने जीएसटी चोरी पर रोक के लिए क्यूआर-आधारित बिल सत्यापन प्रणाली का प्रस्ताव रखा

नागरिक संगठन ने जीएसटी चोरी पर रोक के लिए क्यूआर-आधारित बिल सत्यापन प्रणाली का प्रस्ताव रखा
Modified Date: May 11, 2026 / 12:36 am IST
Published Date: May 11, 2026 12:36 am IST

नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) रेस्तरां और खाद्य खुदरा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक नागरिक अधिकार संगठन ने केंद्रीय वित्त मंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर क्यूआर कोड आधारित राष्ट्रव्यापी बिल सत्यापन तंत्र का प्रस्ताव रखा है।

नागरिक संगठन ने नौ मई को दिए गए अपने ज्ञापन में इस पहल के तहत ‘भारत बिल रिवॉर्ड’ (बीबीआर) प्रणाली का प्रस्ताव रखा, जिसका उद्देश्य ग्राहकों को सरकार से जुड़े क्यूआर स्कैन एप्लिकेशन के माध्यम से बिलों का सत्यापन करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

संगठन ने दावा किया कि रेस्तरां और खाद्य सेवा क्षेत्र में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की चोरी सालाना हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है और उसने व्यापक स्तर पर कारोबार छिपाने के सबूत के तौर पर आयकर विभाग के हालिया सर्वेक्षणों और जीएसटी छापों का हवाला दिया।

आवेदन में कहा गया है, ‘‘बीबीआर प्रणाली की मुख्य बात इसकी सरलता है: हर बिल पर एक अनिवार्य जीएसटीएन-जनित क्यूआर कोड होगा और प्रत्येक ग्राहक बीबीआर ऐप के माध्यम से इस क्यूआर कोड को स्कैन करके एक सेकंड में अपने बिल का सत्यापन कर सकता है।’’

प्रस्ताव के अनुसार, रेस्तरां द्वारा जारी किए गए प्रत्येक बिल में सरकार द्वारा प्रमाणित क्यूआर कोड होगा जो जीएसटीएन सर्वरों से जुड़ा होगा।

मोबाइल ऐप के माध्यम से कोड को स्कैन करने वाले ग्राहक दैनिक लकी ड्रॉ में पुरस्कार जीतने के पात्र होंगे।

भाषा सुरभि संतोष

संतोष


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