विजयवाड़ा, 24 जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल में बदलाव का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता अब हर पुलिस अधिकारी के लिए एक जरूरी कौशल है।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार देर रात तीन दिवसीय आंध्र प्रदेश पुलिस रिट्रीट 2026 के समापन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने तकनीक आधारित और नागरिक केंद्रित पुलिस बल के निर्माण पर विचार-विमर्श किया।
नायडू ने कहा, ‘उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को नयी दिशा देने की जरूरत है। डिजिटल साक्षरता हर पुलिस अधिकारी के लिए एक जरूरी कौशल बन गई है और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को अपनाया जाना चाहिए।’
उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए साइबर अपराध, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध, महिलाओं के खिलाफ अपराध, मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों और दोषसिद्धि दर में सुधार जैसे विषयों पर प्रमाणन पाठ्यक्रम और विशेष प्रशिक्षण शुरू करने का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री ने ‘आंध्र प्रदेश स्पेशल पुलिस’ (एपीएसपी) में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक अनुभव के लिए प्रतिनियुक्ति पर जिला पुलिस इकाइयों में तैनात करने के प्रस्ताव पर विचार करने का सुझाव दिया।
नायडू ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उभरती प्रौद्योगिकियों और बेहतर कार्यप्रणालियों से अवगत रहने के लिए नियमित रूप से प्रोफेसरों, विषय विशेषज्ञों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद करने को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल अपराध रोकने पर ही नहीं, बल्कि आदतन अपराधियों की प्रभावी निगरानी और उनके सुधार पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने हेड कांस्टेबल और सहायक उपनिरीक्षकों के अनुभव और क्षमताओं के बेहतर इस्तेमाल का आह्वान किया।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने तकनीक आधारित और नागरिक केंद्रित पुलिस बल के निर्माण पर चर्चा की तथा अपनी सिफारिशें और रणनीतियां मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कीं।
भाषा तान्या वैभव
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