मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे का मुद्दा सुलझा लिया गया है : मुख्यमंत्री शिवकुमार
मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे का मुद्दा सुलझा लिया गया है : मुख्यमंत्री शिवकुमार
बेंगलुरु, छह जून (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शनिवार सुबह कहा कि विभागों के बंटवारे को लेकर मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे से उत्पन्न संकट उनके साथ लंबी बातचीत के बाद सुलझा लिया गया है।
कांग्रेस नेतृत्व द्वारा वरिष्ठ नेता रेड्डी को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने के प्रयासों के बीच शिवकुमार ने शुक्रवार देर रात जयनगर स्थित एक निजी होटल में उनके साथ करीब ढाई घंटे तक बैठक की।
यह बैठक शुक्रवार देर रात तक चली।
चर्चा में कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता और रेड्डी के कुछ करीबी सहयोगी भी शामिल रहे।
बैठक के बाद देर रात करीब डेढ़ बजे पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, ‘‘यह परिवार का मामला है। हम सब बैठकर बात करेंगे। सब कुछ सुलझा लिया गया है।’’
शिवकुमार ने कहा, ‘‘उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है। यह संवादहीनता का मामला था। कुछ बातें हुई हैं और हम उन्हें सुलझा लेंगे। चिंता की कोई बात नहीं है। हम सरकार को पूरी तरह सुचारु ढंग से चलाएंगे। हमने सभी वरिष्ठ नेताओं को अवसर दिया है और हर चीज को ठीक कर देंगे।’’
शिवकुमार ने विश्वास जताया कि सरकार एकजुट होकर आगे बढ़ेगी।
वरिष्ठ मंत्री के साथ अपने लंबे संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘रामलिंगा रेड्डी और मैं 1980 से मित्र हैं। फिलहाल मैं मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहा हूं, पहले मैं मंत्री था और वह मंत्री हैं। हम सभी मित्र हैं।’’
रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को यह आरोप लगाते हुए इस्तीफे की घोषणा की थी कि नवगठित शिवकुमार सरकार में विभागों के आवंटन के दौरान उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग देने का जो आश्वासन दिया गया था, उसे पूरा नहीं किया गया।
जब रेड्डी से पूछा गया कि यदि मुख्यमंत्री उनसे इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध करें तो क्या वह ऐसा करेंगे, तो उन्होंने इस पर विस्तार से कुछ नहीं कहा और शिवकुमार की बात दोहराई।
रेड्डी ने कहा, ‘‘मैं वही कह रहा हूं जो उन्होंने (मुख्यमंत्री ने) आपसे कहा है। सब कुछ सुलझ गया है। बस इतना ही।’’
देर रात हुई यह बैठक कांग्रेस नेतृत्व के उन गहन प्रयासों के बीच हुई, जिनका उद्देश्य मंत्रिमंडल के भीतर पैदा हुई नाराजगी को दूर करना था। रेड्डी के इस्तीफे ने तीन दिन पुरानी शिवकुमार नीत कांग्रेस सरकार के सामने पहला बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया था।
भाषा गोला वैभव
वैभव

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