कॉजपा ने प्रदर्शन तेज किया, राष्ट्रव्यापी ‘प्रधान गो बैक’ अभियान शुरू करने की घोषणा की
कॉजपा ने प्रदर्शन तेज किया, राष्ट्रव्यापी ‘प्रधान गो बैक’ अभियान शुरू करने की घोषणा की
नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ अपना हमला तेज करते हुए शुक्रवार को उनके इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा। उन्होंने इसी के साथ छात्रों, किसानों तथा नागरिक संस्थाओं से 28 जून को जंतर-मंतर पर उनके साथ जुड़ने की अपील की।
दीपके ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी रविवार को जंतर-मंतर पर ‘‘प्रधान गो बैक’’ अभियान में शामिल होंगे और आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने हालांकि, इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि इस अभियान में क्या-क्या शामिल होगा।
कॉजपा संस्थापक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया कि वह प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगर मोदी ऐसा नहीं करते, तो उन्हें ‘अक्षम प्रधानमंत्री’ माना जाएगा।
कॉजपा की शुरुआत एक डिजिटल व्यंग्यात्मक मंच के तौर पर हुई थी। पार्टी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है।
दीपके ने कहा, ‘‘एक हफ्ता बीत चुका है और धर्मेंद्र प्रधान ने प्रश्न पत्र लीक की कोई जिम्मेदारी नहीं ली है।’
उन्होंने कहा, ‘‘सोनम वांगचुक रविवार से इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल होंगे। यह दुखद है कि छात्रों की आत्महत्याओं के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जा रहा है और वांगचुक जैसे शिक्षक और वैज्ञानिक को अनशन पर बैठना पड़ रहा है, जबकि 20 छात्र पहले ही अपनी जान गंवा चुके हैं।’’
दीपके ने कहा, ‘‘अब भी देर नहीं हुई है। प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि उन छात्रों के खून से उनके हाथ सने हैं। वह हमें आतंकवादी कह रहे थे, लेकिन असली आतंकवादी तो वही हैं, क्योंकि उन्हीं की वजह से इन छात्रों की मौत हुई है।’’
दीपके ने ‘प्रधान गो बैक’ अभियान के बारे में बताया कि कॉजपा सरकार से जवाबदेही की मांग करते हुए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करना चाहती है।
उन्होंने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, किसान संगठनों और नागरिक संस्थाओं से रविवार को जंतर-मंतर आने का आह्वान किया।
दीपके ने कहा, ‘‘यह देश बिना जवाबदेही के कब तक चलेगा? यह किस तरह का लोकतंत्र है? क्या यह अच्छी बात है कि इस सरकार में कोई इस्तीफा नहीं देता?’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रधान अपने पद से हट जाएं, वरना ‘‘उन्हें छात्रों की मौत के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार माना जाएगा।
कॉजपा संस्थापक ने कहा, ‘‘ अगर प्रधानमंत्री कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, तो वे भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर अक्षम हैं।’’
दीपके ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की।
इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर छात्रों के पक्ष में आवाज उठानी चाहिए।
दीपके ने प्रधान के इस्तीफे के साथ कॉजपा का आंदोलन समाप्त होने के सवाल पर कहा कि इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
कॉजपा के प्रवक्ता सौरभ दास ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर कार्यकर्ताओं पर हमले किये गए और एक स्वयंसेवक के सिर में गंभीर चोट लगने के बावजूद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में उचित धाराएं नहीं लगाई।
इस बीच, दास, विजेता दहिया और आशुतोष रांका शुक्रवार दोपहर को प्रधान के जन्मदिन पर केक लेकर कर्तव्य भवन स्थित शिक्षा मंत्रालय पहुंचे। कॉजपा पदाधिकारियों ने बताया कि उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
रांका ने कहा, ‘‘प्रधान जी, जन्मदिन की बधाई। हमें अंदर नहीं आने दिया गया। हम आपके लिए एक तोहफा लाए हैं, यह केक… आपको भी हमें एक तोहफा देना चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए।’’
दीपके ने भी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से न रोकें, क्योंकि यह ‘उनके भविष्य’ से जुड़ा मामला है।
इस बीच, दास ने संगठन में चार नए प्रवक्ताओं वैष्णवी गौर, आफ़रीन नवाज़, दीपक बालियान और रत्ना सिंह को नियुक्त किये जाने की घोषणा की।
नवाज़ ने जंतर-मंतर पर 28 जून को होने वाले प्रदर्शन के लिए एक ‘विरोध समन्वय समिति’ के गठन की घोषणा की, जिसमें अंकित भारद्वाज, अक्षय शिंदे, रसिका खरात, शहरिन, प्रेमाकाश ममग, जयसिंह शेरे, दुर्गेश कुहिके, मोहम्मद जुनैद, योगेश इंगले, रेखा शर्मा, विशाल सैनी, सुधीर सांगवान, विजय मल्लंगी और राम जाखड़ शामिल हैं।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप

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