कॉजपा प्रदर्शन: वांगचुक के अनशन का छठा दिन, दीपके ने समर्थन में पूरे देश में उपवास का आह्वान किया
कॉजपा प्रदर्शन: वांगचुक के अनशन का छठा दिन, दीपके ने समर्थन में पूरे देश में उपवास का आह्वान किया
नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर अनशन का शुक्रवार को छठा दिन था।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने कहा कि वांगचुक पहले की तुलना में ‘‘काफी अधिक कमजोर और थके हुए’’ दिखाई दे रहे हैं, ऐसे में देशभर समर्थक एक दिन का उपवास रखकर आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त करें।
कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘एक्स’ पर वांगचुक की ताजा स्वास्थ्य स्थिति साझा करते हुए बताया कि उनका रक्तचाप 110/75 एमएमएचजी, नाड़ी की गति 72 प्रति मिनट और रक्त शर्करा का स्तर 61 एमजी/डीएल दर्ज किया गया।
दीपके ने कहा कि वांगचुक भले ही खुद को ठीक बता रहे हों, लेकिन हर गुजरते घंटे के साथ उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘सोनम वांगचुक के अनशन का आज छठा दिन है। आज वह कुछ दिन पहले की तुलना में काफी अधिक कमजोर और थके हुए नजर आए। पहली बार उनके चेहरे पर पीड़ा साफ दिखाई दी क्योंकि उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने हमसे कहा कि वह ठीक हैं और चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।’’
दीपके ने एक अन्य पोस्ट में वांगचुक को ‘‘महान शिक्षाविद’’ बताते हुए कहा, ‘‘एक महान शिक्षाविद विद्यार्थियों के लिए न्याय की मांग करते हुए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। सरकार कब जागेगी?’’
दीपके ने देशभर के समर्थकों से अपने-अपने घरों में एक दिन का उपवास रखकर आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।
उन्होंने कहा, ‘‘आज सोनम वांगचुक के अनशन का छठा दिन है और हमारी पूरी टीम उनके समर्थन में उपवास रख रही है। हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे अपने घरों में एक दिन का उपवास रखें और इस आंदोलन के समर्थन में सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करें।’’
‘आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) से जुड़े छह विद्यार्थी भी प्रदर्शन स्थल पर अलग मंच से अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं। आइसा ने बृहस्पतिवार को कहा था कि अनशन पर बैठे विद्यार्थियों की सेहत बिगड़ रही है। संगठन के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश का रक्त शर्करा स्तर घटकर 50 एमजी/डीएल और एक अन्य छात्र दीपक कुमार वर्मा का 59 एमजी/डीएल हो गया है।
आइसा के अनुसार, अनशन पर बैठे अन्य छात्रों में मनीष और आमीन का रक्त शर्करा स्तर 63-63 एमजी/डीएल, जबकि नेहा और हृषिकेश का 68-68 एमजी/डीएल दर्ज किया गया।
आइसा ने आरोप लगाया कि अधिकतर विद्यार्थियों की चेतना चले जाने का खतरा है, लेकिन वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना अनशन जारी रखेंगे।
यह प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। पिछले एक सप्ताह के दौरान इसे कई राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों का समर्थन मिला है। इनमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता प्रशांत भूषण, भाकपा नेता एनी राजा, पारदर्शिता कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, सूचना के अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता निखिल डे तथा तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष शामिल हैं।
कॉजपा का यह आंदोलन 20 जून को नीट सहित परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ था।
दीपके ने कहा है कि इस आंदोलन के जरिए चुनावी जवाबदेही से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए जाएंगे, जिनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे विषय शामिल हैं।
भाषा अमित राजकुमार
राजकुमार

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