कॉजपा का प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी, दीपके ने समर्थकों के प्रवेश पर पाबंदी का आरोप लगाया
कॉजपा का प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी, दीपके ने समर्थकों के प्रवेश पर पाबंदी का आरोप लगाया
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का प्रदर्शन मंगलवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती किए जाने और प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों के प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने का आरोप लगाया।
वहीं, विरोध स्थल पर भूख हड़ताल के तीसरे दिन कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की ब्लड शुगर का स्तर गिरने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई।
दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि पुलिस समर्थकों को प्रदर्शन स्थल पर आने से रोक रही है और कोर टीम के कई सदस्यों को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थकों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए परिवहन सुविधाओं को भी बाधित किया जा रहा है।
दीपके ने कहा, “जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात है। पुलिस लोगों को अंदर नहीं आने दे रही है और हमारी कोर टीम के कई सदस्यों को भी अंदर जाने से रोका जा रहा है। वे क्या करने की योजना बना रहे हैं?”
उन्होंने सवाल किया कि क्या आंदोलन को दबाने की कोशिशों के तहत सरकार लोगों को विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए परिवहन सुविधाओं में बाधा डाल रही है।
दीपके ने राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह परीक्षाओं को ठीक से आयोजित करने में बार-बार नाकाम साबित हो रही है।
दीपके ने कहा, “डबल इंजन-डबल लीक। भाजपा सरकार परीक्षाओं के सुचारु आयोजन में सक्षम नहीं है।”
इस बीच, रविवार से प्रदर्शन स्थल पर अनशन पर बैठे वांगचुक की ब्लड शुगर का स्तर गिरकर 66 होने की खबर है।
कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि वांगचुक की हालत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कुछ बुरा होता है, तो इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार होंगे।
वांगचुक ने सोमवार को कहा था कि यह प्रदर्शन देश-विरोधी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से बल प्रयोग के बजाय संवेदनशीलता से पेश आने का आग्रह किया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर प्रशासन में जनता का भरोसा घट जाएगा।
वांगचुक ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की अपनी मांग दोहराई, जिसमें प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है।
प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) से जुड़े छह छात्र भी लगातार तीसरे दिन शामिल हुए। उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर बने एक अलग मंच पर रविवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।
इन छात्रों में आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के संयुक्त सचिव दानिश, आईसा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मनीष, संगठन की दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई के उपाध्यक्ष दीपक, जेएनयू के बराक छात्रावास के अध्यक्ष ऋषिकेश और आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली की छात्र परिषद की केंद्रीय समिति के पूर्व सदस्य आमीन शामिल हैं।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समेत परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर कॉजपा का विरोध-प्रदर्शन 20 जून को शुरू हुआ था।
भाषा पारुल वैभव
वैभव

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