जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर बनी समिति कानून की आवश्यकता के संबंध में कर सकती है विचार: शाह

जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर बनी समिति कानून की आवश्यकता के संबंध में कर सकती है विचार: शाह

जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर बनी समिति कानून की आवश्यकता के संबंध में कर सकती है विचार: शाह
Modified Date: May 28, 2026 / 06:02 pm IST
Published Date: May 28, 2026 6:02 pm IST

(फोटो सहित)

गांधीनगर, 28 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि अवैध प्रवासन और अन्य असामान्य कारणों से होने वाले ‘‘कृत्रिम’’ जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर केंद्र की उच्च स्तरीय समिति इस बात का भी आकलन करेगी कि इस मुद्दे से निपटने के लिए किसी कानून की आवश्यकता है या नहीं।

उन्होंने कहा कि अगर अवैध प्रवासी अपनी मर्जी से चले जाते हैं, तो पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार उनके खिलाफ कानूनी मामले दर्ज करने से परहेज करेगी और उनके जाने में सुविधा प्रदान करेगी।

शाह ने 340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर की अध्यक्षता वाली समिति एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी अधिसूचना में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर एक उच्च स्तरीय समिति (एचएलसीडीसी) के गठन के संबंध में कहा गया है कि अवैध प्रवासन के कारण जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से ‘‘व्यापक चुनौतियां’’ उत्पन्न हुई हैं।

शाह ने कहा, ‘‘उच्च स्तरीय समिति देश भर में हुए कृत्रिम जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों की जांच करेगी। यह आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विचार-विमर्श करेगी और यदि किसी विशिष्ट कानून को लागू करना आवश्यक हुआ, तो उस आवश्यकता को भी संबोधित करेगी।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश से हर घुसपैठिए की पहचान करके उसे बाहर निकालने के लिए दृढ़ता से कटिबद्ध है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी उद्देश्य से जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर समिति का गठन करने का निर्णय लिया।

शाह ने बांग्लादेश से घुसपैठ को लेकर पश्चिम बंगाल की पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की और दावा किया कि राज्य में विधानसभा चुनावों (जिसमें भाजपा सत्ता में आई) के बाद स्थिति बदल गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब भारतीय जनता पार्टी देश के 80 प्रतिशत भूभाग पर शासन करती है, और हाल में बंगाल में संपन्न हुए चुनावों में दीदी (ममता बनर्जी) को करारी हार का सामना करना पड़ा।’’

शाह ने कहा कि उत्तराखंड से लेकर गंगासागर तक, गंगा के पूरे प्रवाह क्षेत्र में भाजपा ‘‘भगवा झंडा फहराने’’ में सफल रही।

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले, भाजपा ने सत्ता में आने के कुछ ही दिन के भीतर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू करने का वादा किया था।

शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि सत्ता में आने के सात दिन के भीतर ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाड़ लगाने के काम के लिए 600 हेक्टेयर भूमि सौंप दी गई। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अतिरिक्त, चिकन नेक कॉरिडोर में 121 हेक्टेयर भूमि भारत सरकार के हवाले कर दी गई है।’

‘चिकन नेक’, जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है, पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाला एक संकरा भूभाग है।

मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि घुसपैठिए खुद ही बांग्लादेश लौटने लगे हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘जबकि ममता बनर्जी के शासनकाल में रोज घुसपैठ होती थी।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिरासत केंद्र स्थापित किए गए हैं, लेकिन सरकार चाहती है कि अवैध प्रवासी स्वेच्छा से अपने मूल स्थानों पर लौट जाएं। शाह ने कहा, ‘‘अगर वे अपनी मर्जी से चले जाते हैं, तो बंगाल सरकार उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी, साथ ही उनके जाने में सहायता भी प्रदान करेगी।’

उन्होंने उम्मीद जताई कि पहचान अभियान शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग स्वेच्छा से चले जाएंगे।

भाषा आशीष माधव

माधव


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