ईरान में बहाई समुदाय के युवक की गिरफ्तारी को लेकर भारत में चिंता
ईरान में बहाई समुदाय के युवक की गिरफ्तारी को लेकर भारत में चिंता
नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) भारत में बहाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने मंगलवार को सरकार और नागरिक संस्थाओं से अपील की कि ईरान में कैद उनके एक सदस्य की सुरक्षा और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।
बयान में आरोप लगाया गया है कि ईरान में कैद एक युवा बहाई पेयवंद नैमी को बिना मुकदमे के मनगढ़ंत आरोपों पर कथित रूप से यातना, दिखावटी फांसी और जबरन कबूलनामे का सामना करना पड़ रहा है।
नैमी का मामला हाल के हफ्तों में वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है। करमान के रहने वाले युवा पेशेवर नैमी को आठ जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। उन पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने का आरोप है।
भारत के बहाई समुदाय ने सरकार, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और नागरिक समाज से अपील की है कि नैमी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उसे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उसके लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
श्रीनगर में रह रहीं नैमी की परिजन पारिया साबेत के मुताबिक, यह संकट न केवल अत्यावश्यक है, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “ मैं केवल उसकी परिजन ही नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर अपील करती हूं कि इस अन्याय को रोका जाए।”
पारिया साबेत ने भारत सरकार और मीडिया से भी अपील की कि वे ईरान पर दबाव बनाएं, ताकि इस उत्पीड़न और संभावित फांसी को रोका जा सके।
भारत में बहाई समुदाय के जनसंपर्क कार्यालय की निदेशक नीलाक्षी राजखोवा ने कहा कि किसी युवा के साथ इस तरह की यातना, दबाव और न्यायिक प्रक्रिया से वंचित करना मानव गरिमा और न्याय का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
गौरतलब है कि बहाई, ईरान का सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है, जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से लगातार भेदभाव और दमन का सामना कर रहा है।
भारत में बहाई समुदाय अपनी एकता और मानवता के सिद्धांतों के लिए जाना जाता है। इसका एक प्रमुख प्रतीक नयी दिल्ली स्थित कमल मंदिर (लोटस टेम्पल) है, जिसे बहाई उपासना स्थल के रूप में विश्वभर में पहचान मिली हुई है।
भाषा रविकांत दिलीप
दिलीप

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