निर्वाचन आयोग के साथ हुई बैठक में एसआईआर से संबंधित चिंताएं नहीं सुनी गईं : टीएमसी
निर्वाचन आयोग के साथ हुई बैठक में एसआईआर से संबंधित चिंताएं नहीं सुनी गईं : टीएमसी
कोलकाता, नौ मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ के साथ हुई चर्चा के दौरान एसआईआर से संबंधित उसकी चिंताएं नहीं सुनी गईं।
राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि चूंकि पार्टी इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का रुख कर चुकी है, इसलिए इस बारे में फैसला उच्चतम न्यायालय लेगा और निर्वाचन आयोग का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, दोनों निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कोलकाता के निकट न्यू टाउन में एक होटल में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
भट्टाचार्य ने कहा, “मैं एक महिला हूं, और मुझसे कहा गया कि चिल्लाइए मत। हम लोगों के अधिकारों के बारे में बोल रहे थे, ऐसे में मैं अपनी आवाज क्यों नहीं उठाती?”
भट्टाचार्य ने दावा किया कि जब जब उन्होंने एसआईआर को लेकर चिंताएं जताने की कोशिश की, तब-तब निर्वाचन आयोग यह कहता रहा कि मामला उच्चतम न्यायालय के पास विचाराधीन है।
उन्होंने कहा, “जब भी मैंने एसआईआर के बारे में बात की, तो उन्होंने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष है। अगर ऐसा ही है तो उन्होंने हमें बैठक के लिए क्यों बुलाया? जब उन्होंने हमें आमंत्रित कर ही दिया था, तो उन्हें हमारी बात सुननी चाहिए थी।”
कोलकाता के महापौर और प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे फिरहाद हाकिम ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों की मौजूदगी के बारे में एक “गलत धारण” बनाई जा रही है, जिसके कारण असली भारतीय नागरिकों का उत्पीड़न हो रहा है।
उन्होंने दावा किया, “पिछले दो महीनों में, न तो किसी घुसपैठिये और न ही किसी रोहिंग्या की पहचान हुई है, लेकिन सामान्य भारतीय नागरिकों को परेशान करके उन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
पूर्व डीजीपी और राज्सभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार राजीव कुमार भी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप

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