कांग्रेस और अकाली दलों ने गरीबों को शिक्षा से वंचित रखा: मान

कांग्रेस और अकाली दलों ने गरीबों को शिक्षा से वंचित रखा: मान

कांग्रेस और अकाली दलों ने गरीबों को शिक्षा से वंचित रखा: मान
Modified Date: April 14, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: April 14, 2026 8:34 pm IST

आदमपुर, 14 अप्रैल (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राज्य में कांग्रेस और अकाली दल की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने गरीब और वंचित वर्गों को शिक्षा से वंचित रखा।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार अब इस उपेक्षा की विरासत को पलटते हुए शिक्षा और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है, ताकि डॉ बी आर आंबेडकर के गरिमा और समान अवसर के दृष्टिकोण को साकार किया जा सके।

आधिकारिक बयान के अनुसार, मान आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “आप सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब के सपनों को साकार किया जा सके।”

उन्होंने कहा, “राज्य में गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को कोई मुफ्त सहायता या रियायती कार्ड खत्म नहीं कर सकता, बल्कि शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर में वृद्धि कर, उन्हें इस दुष्चक्र से बाहर निकाल सकती है।”

मान ने शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इससे पहले नेताओं ने आंबेडकर के सपनों को चकनाचूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा किए गए ‘अभूतपूर्व’ कार्यों से चकित होकर अकाली नेता सुखबीर बादल लोगों को झूठे वादे कर रहे हैं और मुख्यमंत्री के बारे में निराधार और तर्कहीन बयान दे रहे हैं।

महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में अधिक भागीदारी की वकालत करते हुए, मान ने कहा, ‘यह अनिवार्य है कि लड़कियां आगे आएं और शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं। यह राष्ट्र के व्यापक हित में है क्योंकि जो महिलाएं घर और परिवार को कुशलतापूर्वक संभालती हैं, उन्हें ही देश का संचालन भी करना चाहिए।’

मान ने कहा कि महिलाओं को नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदार बनने और समाज में आवश्यक और बहुप्रतीक्षित बदलाव लाने के लिए राजनीति की क्षेत्र में कदम बढ़ाना चाहिए और भाग लेना चाहिए।

भाषा

राखी माधव

माधव


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