नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 20 जुलाई (भाषा) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक को लेकर केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश पर अब तक की ‘‘सबसे अधिनायकवादी’’ सरकार का शासन है।
वेणुगोपाल ने वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के प्रति पूर्ण एकजुटता जताते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की अनदेखी की है और करीब तीन सप्ताह से अनशन जारी रहने के बावजूद उनसे बातचीत करने की कोई पहल नहीं की।
वेणुगोपाल ने दावा किया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, जिससे देश भर के छात्र और उनके अभिभावक भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता में हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने हुए हैं और ‘‘बेपरवाह’’ हैं, जबकि प्रदर्शनकारी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के बजाय केंद्र सरकार ने वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचाना उचित समझा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार को ‘‘लोकतंत्र विरोधी, छात्र विरोधी और श्रमिक विरोधी’’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस उसकी नीतियों का कड़ा विरोध करेगी और केंद्र सरकार की कथित अलोकतांत्रिक कार्रवाइयों के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेगी।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार देश पर शासन करने वाली सबसे अधिनायकवादी सरकार है और देश को बर्बाद करने की कोशिश कर रही है।’’
वेणुगोपाल ने प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कमजोर होगी और विश्वविद्यालयों से जुड़े निर्णय लेने के अधिकार केंद्र सरकार के पास चले जाने से राज्यों के अधिकार भी कम हो जाएंगे।
भाषा गोला माधव
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