कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने से पहले द्रमुक को इसकी जानकारी दे दी थी : चिदंबरम

कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने से पहले द्रमुक को इसकी जानकारी दे दी थी : चिदंबरम

कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने से पहले द्रमुक को इसकी जानकारी दे दी थी : चिदंबरम
Modified Date: June 7, 2026 / 10:50 am IST
Published Date: June 7, 2026 10:50 am IST

चेन्नई, सात जून (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा है कि उनकी पार्टी ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को समर्थन देने से पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व को इसकी जानकारी दे दी थी।

तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में द्रमुक के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस, सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने वाली पहली पार्टी थी। कांग्रेस ने टीवीके को अपने पांच विधायकों का समर्थन दिया, जिससे उसके लिए सरकार बनाना संभव हो सका।

चिदंबरम ने शनिवार को एक निजी समाचार चैनल से कहा, ‘‘यदि टीवीके सदन में बहुमत हासिल करने में विफल रहती, तो ऐसी स्थिति में हम एक और चुनाव टालना चाहते थे। गठबंधन सहयोगियों की भी यही व्यापक भावना थी। जनता भी दोबारा चुनाव नहीं चाहती थी।’’

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने टीवीके सरकार को समर्थन देने के अपने फैसले की जानकारी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) सहित अन्य सहयोगी दलों को भी दी थी।

चिदंबरम ने कहा, ‘‘फर्क सिर्फ इतना है कि हमने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा अपने सहयोगियों से एक दिन पहले कर दी थी।’’

गठबंधन की चुनावी हार के तुरंत बाद उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक की युवा इकाई ने एक बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कांग्रेस पर द्रमुक के साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने का आरोप लगाया गया।

द्रमुक के वरिष्ठ नेता टी आर बालू ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने गठबंधन को वोट देने वाले लोगों के साथ धोखा किया है।

वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में अभिनेता-नेता विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन वह साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों के आंकड़े से पीछे रह गई। सरकार बनाने के लिए उसे कम से कम 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी।

राज्य में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस विपक्षी दलों में से सबसे पहले टीवीके के समर्थन में आई। इसके बाद वीसीके, भाकपा और माकपा ने भी समर्थन दिया, जिनके पास दो-दो विधायक थे। इन दलों के समर्थन से टीवीके बहुमत का आंकड़ा पार करने में सफल रही और सरकार बनाने का दावा पेश कर सकी।

भाषा गोला वैभव

वैभव


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