कांग्रेस-इंडिया गठबंधन के घटक ‘परिवारवादी’, महिलाओं कोटा के खिलाफ: संजय कुमार

कांग्रेस-इंडिया गठबंधन के घटक ‘परिवारवादी’, महिलाओं कोटा के खिलाफ: संजय कुमार

कांग्रेस-इंडिया गठबंधन के घटक ‘परिवारवादी’, महिलाओं कोटा के खिलाफ: संजय कुमार
Modified Date: April 21, 2026 / 05:03 pm IST
Published Date: April 21, 2026 5:03 pm IST

हैदराबाद, 21 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी दल उस संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करते हैं, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना है, क्योंकि ये सभी “परिवारवादी पार्टियां” हैं और आम महिलाओं को अवसर नहीं देना चाहते।

कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संशोधन विधेयक लाई थी, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसे रोक दिया।

उन्होंने करीमनगर में पत्रकारों से कहा, ‘‘कांग्रेस के लिए महिला सशक्तीकरण का मतलब इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी हैं। अगर डिंपल यादव सांसद बनती हैं, तो समाजवादी पार्टी मानती है कि सभी महिलाओं को जीत मिली है। अगर स्टालिन की बहन कणिमोझी तरक्की करती हैं, तो द्रमुक के लिए यही सभी महिलाओं की तरक्की है। अगर शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले संसद के लिए चुनी जाती हैं, तो उस पार्टी के लिए यह सभी महिलाओं का सशक्तीकरण है। ये सभी परिवारवादी पार्टियां हैं।’’

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक का विरोध किया, क्योंकि ये दल नहीं चाहते कि उनके परिवारों को छोड़कर अन्य महिलाएं नेतृत्व में आगे आएं।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध केवल इस बार ही नहीं, बल्कि वाजपेयी सरकार के समय में भी किया था।

कुमार ने निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के संदर्भ में कहा कि जब देश की आबादी 52 करोड़ थी, तब लोकसभा सीट की संख्या 543 तय की गई थी, लेकिन आज देश की जनसंख्या 140 करोड़ हो चुकी है। उन्होंने पूछा, ‘‘क्या सीट की संख्या बढ़नी चाहिए या नहीं?’’

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने लोकसभा सीट की संख्या बढ़ाने के लिए पूरे देश में एक समान मानदंड लागू करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनसंख्या को आधार बनाया गया तो दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और तमिलनाडु के उनके समकक्ष एम. के. स्टालिन ने उन युवा नेताओं की उम्मीदें तोड़ दी है, जो लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना देख रहे थे।

रेवंत रेड्डी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव को तेलंगाना का “राहु” और “केतु” बताते हुए उन्होंने कहा कि जब रेवंत रेड्डी विपक्ष में थे, तब उन्होंने बीआरएस शासन में बने कालेश्वरम परियोजना में एक लाख करोड़ रुपये के “घोटाले” का आरोप लगाया था, लेकिन अब कांग्रेस सरकार केवल 9,000 करोड़ रुपये के “घोटाले” की सीबीआई जांच की मांग कर रही है।

कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि एक लाख करोड़ रुपये के आरोपों की जांच होनी चाहिए या 9,000 करोड़ रुपये के मामले की।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी संसद में महिलाओं के आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयिक को रोकने का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं।

कुमार ने यह भी दावा किया कि रेवंत रेड्डी खुद को बड़ा समझ रहे हैं और ‘‘राहुल गांधी की जगह लेना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें (नेता प्रतिपक्ष को) कुछ भी नहीं आता।’’

भाषा सुरेश

सुरेश


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