कांग्रेस नेतृत्व ने द्रमुक के साथ सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मांगी: एलंगोवन
कांग्रेस नेतृत्व ने द्रमुक के साथ सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मांगी: एलंगोवन
चेन्नई, 31 जनवरी (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने शनिवार को कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस नेतृत्व ने कभी भी द्रमुक के साथ सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मांगी और यह मुद्दा कुछ विशेष तत्वों की ओर से उठाया जा रहा है।
एलंगोवन ने कहा कि अतीत में एक ऐसी स्थिति भी आई थी, जब द्रमुक के पास विधानसभा में आवश्यक संख्या में विधायक नहीं थे, लेकिन उसने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी, तब भी पार्टी (कांग्रेस) ने सत्ता में हिस्सेदारी का मुद्दा नहीं उठाया था।
एलंगोवन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के नेतृत्व में कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी। लेकिन कांग्रेस ने कभी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मांगी, बल्कि बाहर से हमारा समर्थन किया।’’
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस आलाकमान या राज्य नेतृत्व की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव आता है, तो उनकी पार्टी के अध्यक्ष (एमके स्टालिन, जो मुख्यमंत्री हैं) जवाब देंगे।
एलंगोवन ने कहा कि द्रमुक ‘‘तमिलनाडु थलाई कुनियाधु’’ (तमिलनाडु झुकेगा नहीं) जनसंपर्क अभियान के माध्यम से राज्य सरकार की उपलब्धियों को उजागर करेगी और भाजपा के ‘‘धोखे’’ को भी बेनकाब करेगी।
उन्होंने कहा कि द्रमुक के लगभग 22 प्रमुख वक्ता एक फरवरी से शुरू होने वाले एक महीने के प्रचार अभियान के दौरान राज्य के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार करेंगे।
एलंगोवन ने कहा, ‘‘एमके स्टालिन के नेतृत्व में द्रमुक के 2021 में सत्ता में आने के बाद से, सरकार ने सभी क्षेत्रों के लोगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया है।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि द्रमुक का चुनावी घोषणापत्र फरवरी के मध्य में जारी होने की संभावना है।
भाषा
देवेंद्र पारुल
पारुल

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