कांग्रेस ‘मानसिक रूप से दिवालिया’, कोई उचित घोषणापत्र या कार्यक्रम नहीं: नड्डा

कांग्रेस 'मानसिक रूप से दिवालिया', कोई उचित घोषणापत्र या कार्यक्रम नहीं: नड्डा

कांग्रेस ‘मानसिक रूप से दिवालिया’, कोई उचित घोषणापत्र या कार्यक्रम नहीं: नड्डा
Modified Date: April 5, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: April 5, 2026 10:28 pm IST

गुवाहाटी, पांच अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने रविवार को कांग्रेस पर ‘मानसिक रूप से दिवालिया’ होने और उसके पास कोई उचित घोषणापत्र या कार्यक्रम नहीं होने का आरोप लगाया।

नड्डा ने भाजपा के सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) के तपन दास के लिए यहां पास के दिमोरिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि कांग्रेस को कुछ भी समझ नहीं है और वह एक ‘थकी हुई और बिखरी हुई पार्टी’ है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष नड्डा ने कहा, ‘‘कांग्रेस मानसिक रूप से दिवालिया है, उसके पास कोई घोषणापत्र या कार्यक्रम नहीं है। उसे सिर्फ समाज को बांटना आता है।’’

उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण उत्पन्न मौजूदा वैश्विक संकट के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि एलपीजी गैस सिलेंडर हर घर तक पहुंचे और किसी भी वस्तु की कमी नहीं हो।

नड्डा ने कहा, ‘‘पूरी दुनिया बढ़ती कीमतों का सामना कर रही है, लेकिन मोदी जी सभी वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने के प्रयास कर रहे हैं, ताकि आम जनता प्रभावित ना हो।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति में भी कांग्रेस राजनीति कर रही है और लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही है। नड्डा ने कहा, ‘‘कांग्रेस केवल नफरत फैलाती है और अपने वोट बैंक की राजनीति के चलते पूर्वोत्तर में भी यही कर रही है।’’

उन्होंने दावा किया कि असम में भाजपा सरकार जनता के लिए काम कर रही है और तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जनता के बीच फूट डाली।

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा, ‘‘मैं उन्हें (गोगोई को) श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनकी आत्मा को शांति मिले; लेकिन उनके बेटे ने अभी तक सबक नहीं सीखा है और जनता को बांटने में लगे हुए हैं।’’

नड्डा का इशारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई की ओर था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भी सम्मान करता हूं; उन्होंने 10 वर्षों तक राज्यसभा में इस राज्य का प्रतिनिधित्व किया। लेकिन वे असम कितनी बार आए?”

उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी, जबकि कांग्रेस को हार की ‘हैट्रिक’ मिलेगी। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘असम में हार के साथ राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी देश के विभिन्न चुनावों में हार का शतक पूरा करेगी।’’

उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, केंद्र और राज्य में ‘डबल इंजन’ भाजपा सरकार ने असम के विकास की राह में एक बड़ी छलांग लगाई है।

नड्डा ने कहा, ‘‘असम पिछड़ा हुआ था, दूरदराज के इलाकों में यात्रा करना मुश्किल था, लेकिन भाजपा सरकार के सत्ता में आने के साथ ही राज्य में विकास का एक नया युग शुरू हुआ। प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राज्य में साकार किया।’’

उन्होंने कहा कि इस विधानसभा चुनाव का एजेंडा असम को एक विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में तीसरी भाजपा सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेगी, जिसका अर्थ है कि सभी नागरिक कानून के अंतर्गत समान होंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान हिंसा, भ्रष्टाचार और उग्रवाद आम बात थी, लेकिन प्रधानमंत्री और राज्य में भाजपा की दोनों सरकारों के नेतृत्व में स्थिति बदल गई है और शांति स्थापित हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने हथियार उठाने वालों को हथियार छुड़वाकर मुख्यधारा में लाकर स्थायी शांति सुनिश्चित की, साथ ही उन्हें विकास के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।’’

असम की 126 विधानसभा सीट के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होंगे और मतगणना 4 मई को होगी।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में