Ramalinga Reddy Resignation: कर्नाटक में फिर सियासी नाटक! विभागों का बंटवारा होते ही वरिष्ठ मंत्री ने दिया इस्तीफा, कहा- 53 सालों से कांग्रेस पार्टी में…लेकिन…
Ramalinga Reddy Resignation: कर्नाटक में फिर सियासी नाटक! विभागों का बटवारा होते ही वरिष्ठ मंत्री ने दिया इस्तीफा, कहा- 53 सालों से कांग्रेस पार्टी में...लेकिन...
- डीके शिवकुमार कैबिनेट में पहली बड़ी नाराजगी
- जल संसाधन विभाग मिलने से नाराज हुए रेड्डी
- 72 वर्षीय रामलिंगा 8 बार के विधायक
बेंगलुरु: Ramalinga Reddy Resignation कर्नाटक में सीएम बदलते ही एक बार फिर सियासी नाटक शुरू हो गया है। दरअसल डीके शिवकुमार ने कुर्सी में बैठते ही कैबिनेट मंत्रियों के विभागों का बटवारा किया। इधर विभागों का बटवारा होते ही दूसरी ओर नाराजगी खुलकर सामने आ गई। विभागों का बटवारा होने के कुछ ही देर बाद कैबिनेट के मंत्री रामलिंगा रेड्डा ने इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि उन्हें जो जिम्मदारी दी गई थी वो रास नहीं आई और उन्होंने इस्तीफा देना ही उचित समझा। बता दें कि रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन (प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई) विभाग सौंपा गया था।
डीके शिवकुमार कैबिनेट के मंत्री ने दिया इस्तीफा
Ramalinga Reddy Resignation इस्तीफा देते हुए रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि मैं अभी भी कांग्रेस पार्टी में हूं। मैंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। मैं पिछले 53 सालों से कांग्रेस पार्टी में हूं। मैंने पार्टी में कई जिम्मेदारियां निभाई हैं। मैंने पूर्व मुख्यमंत्री एम. वीरप्पा मोइली और एस.एम. कृष्णा समेत कई मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री के तौर पर काम किया है। मैंने कभी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा।
जल संसाधन मिलने से नहीं थे खुश
वहीं, सूत्रों की मानें तो रामलिंगा रेड्डी ‘बेंगलुरु शहरी विकास’ विभाग की मांग कर रहे थे। मगर डीके शिवकुमार ने यह विभाग ब्याटरायनपुरा के विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंप दिया। वहीं रामलिंगा को जल संसाधन (प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई) विभाग सौंपा दिया गया। रामलिंगा ने इस विभाग को स्वीकार करने से उन्होंने साफ तौर पर इनकार कर दिया। उन्होंने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वो मंत्रीपद से इस्तीफा दे देंगे।
8 बार के विधायक हैं रामलिंगा
रामलिंगा की उम्र 72 साल है। वो 8वीं बार विधायक बने हैं। रामलिंगा सिद्धारमैया सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। 2017 से 2018 तक रेड्डी कर्नाटक के गृह मंत्री भी रहे। कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनावों में, रेड्डी ने बीजेपी के उम्मीदवार के.आर. श्रीधरा को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार, उन्हें 68,557 यानी 50.70 प्रतिशत वोट मिले, जबकि श्रीधरा को 59,335 यानी 43.88 प्रतिशत वोट मिले थे।
किसे मिला कौन सा विभाग
- मुख्यमंत्री शिवकुमार ने वित्त, मंत्रिमंडल मामले, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (डीपीएआर), खुफिया विभाग तथा अन्य अविभाजित विभाग अपने पास रखे हैं।
- सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को बहुप्रतीक्षित शहरी विकास विभाग सौंपा गया ।
- उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर को राजस्व और खेल विभाग दिया गया है।
- के.एच. मुनियप्पा को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मिला है।
- के.जे. जॉर्ज को ऊर्जा और पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- एम.बी. पाटिलको बड़े एवं मध्यम उद्योग तथा आधारभूत संरचना विभाग मिला है।
- रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन (प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई) विभाग सौंपा गया था।
- सतीश जारकीहोली को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) दिया गया है।
- कृष्णा बायर गौड़ा को ग्रेटर बेंगलुरु विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
- प्रियंक खरगे को गृह विभाग (खुफिया शाखा को छोड़कर), सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी (आईटी-बीटी) तथा ई-गवर्नेंस विभाग सौंपा गया है।
- यू.टी. खादर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग दिया गया है। वे इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष थे।
- बैराथी सुरेश को परिवहन विभाग मिला है।
- शरण प्रकाश पाटिल को चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास विभाग सौंपा गया है।
- ईश्वर खंड्रे को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (आरडीपीआर) विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
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