कर्नाटक मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर कांग्रेस विधायक के समर्थकों का हंगामा
कर्नाटक मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर कांग्रेस विधायक के समर्थकों का हंगामा
चिक्कबल्लापुर (कर्नाटक), पांच अगस्त (भाषा) कर्नाटक मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज, बागेपल्ली से कांग्रेस विधायक एस. एन. सुभा रेड्डी के समर्थकों ने बुधवार को यहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराए, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों का परिचालन रोका, सड़कों पर टायर जलाए और यातायात बाधित किया।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर असंतोष केवल बागेपल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिला।
रेड्डी के समर्थकों द्वारा बुलाए गए सूर्योदय से सूर्यास्त तक के बंद के कारण चिक्कबल्लापुर जिले की बागेपल्ली, चेलूर और गुडीबांडे तहसीलों में जनजीवन प्रभावित रहा।
प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सड़कों पर ट्रैक्टर, बस, कार और अन्य वाहन खड़े कर मार्ग अवरुद्ध कर दिए। उन्होंने तीन बार के विधायक रेड्डी को मंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की और टायर जलाकर विरोध जताया।
कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘‘कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में हमें न्याय नहीं मिला है। इसी कारण बागेपल्ली, चेलूर और गुडीबांडे के लोगों ने स्वेच्छा से बंद रखा है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हमारे विधायक के लिए कोई सकारात्मक फैसला होगा।’’
गुडीबांडे में उस समय स्थिति नाटकीय हो गई जब रेड्डी के समर्थक अंबरीश ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया।
पुलिसकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर उसके हाथ से पेट्रोल का डिब्बा छीन लिया और आत्मदाह की कोशिश को विफल कर उसे हिरासत में ले लिया।
बागेपल्ली में प्रदर्शनकारियों ने केएसआरटीसी बस अड्डे के बाहर टायर जलाकर सड़क जाम कर दी।
बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा चाय की दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जबरन बंद कराए जाने के आरोपों को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी भी हुई।
यह विरोध प्रदर्शन मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में बढ़ते असंतोष के बीच हुआ है। मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज 22 से अधिक विधायक और उनके समर्थक अपनी नाराजगी जता चुके हैं।
कई विधायकों ने मंत्रियों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कुछ ने अपने पद से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है, जबकि उनके समर्थकों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपने नेताओं के लिए ‘‘न्याय’’ की मांग को लेकर प्रदर्शन किए।
मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मंत्री पद नहीं मिलने पर इस्तीफे की धमकी देने वाले नाराज कांग्रेस विधायकों को कड़ी चेतावनी देते हुए मंगलवार को कहा था कि पार्टी सर्वोपरि है और यदि कोई इस्तीफा देता है तो उसे कुछ ही मिनटों में स्वीकार कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पद संभालने के दो महीने बाद शिवकुमार ने सोमवार को 19 मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया।
भाषा मनीषा सिम्मी
सिम्मी

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