संसद ने दी उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयक को मंजूरी
संसद ने दी उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयक को मंजूरी
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) संसद ने उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रावधान वाले विधेयक को बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी।
राज्यसभा ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से लौटा दिया।
लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।
उच्च सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे शुरू हुई तो कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक को चर्चा और लौटाने करने के लिए पेश किया।
इस दौरान कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे।
उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह करते हुए उनसे विधेयक पर चर्चा में भाग लेने को कहा, लेकिन हंगामा नहीं थमा।
हंगामे के बीच ही उपसभापति ने विधेयक पर चर्चा शुरू करवाई जिसमें विभिन्न दलों के सदस्यों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान कांग्रेस सहित विपक्ष के विभिन्न दलों के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। बाद में तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, माकपा, झारखंड मुक्ति मोर्चा आदि दलों के सदस्य सदन में वापस आ गए और उन्होंने चर्चा में भाग भी लिया।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मेघवाल ने कहा कि यह विधेयक न्यायिक क्षेत्र में सुधार शृंखला की कड़ी है जिसके माध्यम से उच्चतम न्यायलय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों की संख्या बढने से मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि 1950 में जब उच्चतम न्यायालय की शुरूआत हुई थी, उस समय प्रधान न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों की कुल संख्या आठ थी जो अब बढ़कर 38 हो गई है।
मेघवाल ने मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को यह विधेयक पेश किया था।
इसी साल मई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित विधेयक को मंजूरी दी थी। इसके तुरंत बाद सरकार अध्यादेश लेकर आई।
अध्यादेश के बाद बढ़ाई गई स्वीकृत संख्या के आधार पर उच्चतम न्यायालय में पांच न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई।
उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या इससे पहले 2019 में बढ़ाई गई थी। उस समय प्रधान न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 30 से बढ़ाकर 33 की गई थी।
मेघवाल ने कहा कि स्वतंत्र भारत में शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की गई और उसी मूल भावना को देखते हुए तथा लंबित मामलों की संख्या को कम करने के लिए न्यायाधीशों की संख्या अब 34 से बढ़ाकर 38 की गई है।
भाषा मनीषा माधव अविनाश
अविनाश

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