जिले की सीमाओं के पुनर्गठन खिलाफ बाड़मेर में कांग्रेस की रैली

जिले की सीमाओं के पुनर्गठन खिलाफ बाड़मेर में कांग्रेस की रैली

जिले की सीमाओं के पुनर्गठन खिलाफ बाड़मेर में कांग्रेस की रैली
Modified Date: January 14, 2026 / 08:26 pm IST
Published Date: January 14, 2026 8:26 pm IST

जयपुर, 14 जनवरी (भाषा) राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर और बालोतरा जिलों की राजस्व सीमाओं के पुनर्गठन के फैसले के खिलाफ बुधवार को बाड़मेर जिले में कांग्रेस ने ‘जन आक्रोश रैली’ निकाली।

धोरीमन्ना में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रैली में शामिल हुए, जिसके कारण कुछ समय के लिए बाड़मेर–सांचौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया।

बाड़मेर और बालोतरा जिलों की राजस्व सीमाओं के पुनर्गठन के फैसले के खिलाफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी पिछले 11 दिनों से धोरीमन्ना में धरने पर बैठे हैं। बुधवार को जन आक्रोश रैली में कई कांग्रेस नेता पहुंचे और उन्होंने धरने को समर्थन दिया।

 ⁠

सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) परिसीमन और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर ‘‘तानाशाही तरीके’’ से काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे शासकों के सामने झुकने की जरूरत नहीं है। यह लड़ाई केवल गुढ़ामलानी या धोरीमन्ना तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य से जुड़ी है।’’

विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि लोगों को ‘‘पर्चियों और आश्वासनों’’ से गुमराह नहीं होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा सरकार ने बाड़मेर और जैसलमेर में जमीन आवंटित कर अपने उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाया है।’’

जूली ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में राजस्थान की जनता इसका जवाब देगी।’’

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान परिसीमन में जनसंख्या मानकों को समावेशी रखने के सुझाव दिए गए थे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएगी।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं के पुनर्गठन के फैसले को वापस लिया जाए और चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

राजस्व विभाग की ओर से 31 दिसंबर को आदेश जारी कहा गया कि राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 15 और 16 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा पूर्व में जारी अधिसूचनाओं में आंशिक संशोधन करते हुए राज्य सरकार ने जिला बालोतरा और बाड़मेर का पुनर्गठन किया है।

भाषा बाकोलिया खारी

खारी


लेखक के बारे में