कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है, परिसीमन से जोड़ने पर आपत्ति : सिद्धरमैया

कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है, परिसीमन से जोड़ने पर आपत्ति : सिद्धरमैया

कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है, परिसीमन से जोड़ने पर आपत्ति : सिद्धरमैया
Modified Date: April 19, 2026 / 06:24 pm IST
Published Date: April 19, 2026 6:24 pm IST

(फाइल फोटो सहित)

हावेरी (कर्नाटक), 19 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन परिसीमन से इसे जोड़ने का विरोध करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसा करने से कुछ राज्यों के साथ अन्याय होगा।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी ने लगातार महिलाओं के लिए आरक्षण का समर्थन किया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अन्य राज्यों में चुनावों से पहले ‘‘इस मुद्दे का राजनीतिकरण’’ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों द्वारा 2023 में ही पारित हो चुका था। अब इसे परिसीमन के साथ लाया गया। उन्होंने परिसीमन को इससे जोड़ दिया। हमने कभी भी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया। मैं यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूं: हम महिला आरक्षण के विरोधी नहीं हैं।’’

सिद्धरमैया ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के मामले में भाजपा के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रेय दिया, जिन्होंने संवैधानिक संशोधन पेश किए थे, जिससे जमीनी स्तर पर आरक्षण सुनिश्चित हुआ था।

उन्होंने पूछा, ‘‘स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण किसने लाया? 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधन किसने लागू किए? ये सब राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए हुआ था। क्या भाजपा ने ऐसा किया? या क्या उन्होंने इसकी मांग भी की थी?’’

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि परिसीमन से संसदीय सीटों के मामले में उत्तरी राज्यों को असमान रूप से लाभ हो सकता है लेकिन कर्नाटक का प्रतिनिधित्व उसी दर से नहीं बढ़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सीमन से कुछ राज्यों के साथ अन्याय होगा। इसीलिए हम इसका विरोध करते हैं, लेकिन हम महिला आरक्षण का विरोध नहीं करते। हम महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं।’’

भाषा आशीष रंजन

रंजन


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