जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस का ठंडा रुख, विपक्ष के अन्य दलों ने समर्थन किया

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस का ठंडा रुख, विपक्ष के अन्य दलों ने समर्थन किया

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस का ठंडा रुख, विपक्ष के अन्य दलों ने समर्थन किया
Modified Date: June 6, 2026 / 09:56 pm IST
Published Date: June 6, 2026 9:56 pm IST

(तस्वीरों के साथ जारी)

नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर शनिवार को यहां जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों के एकत्र होने के बीच विपक्ष स्पष्ट रूप से दो खेमों में बंटा नजर आया। एक ओर कांग्रेस ने सीजेपी के प्रति संदेहपूर्ण रुख अपनाए रखा, वहीं दूसरी ओर बाकी विपक्षी दलों ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया।

कांग्रेस के एक वर्ग ने सीजेपी के प्रदर्शन को खारिज करते हुए इसे ‘‘दिखावटी’’ और ‘‘आम आदमी पार्टी (आप) की उपज’’ बताया तथा पार्टी का आधिकारिक रुख इस बात पर अधिक केंद्रित रहा कि उसके युवा और छात्र संगठनों ने प्रश्न पत्र लीक और जर्जर डिजिटल बुनियादी ढांचे से प्रभावित छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ाई में कहीं अधिक योगदान दिया है।

इसके विपरीत, केवल आम आदमी पार्टी (आप) ही नहीं बल्कि विपक्ष के बाकी दलों ने भी सीजेपी के अभियान का समर्थन किया। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके अतीत में ‘आप’ से जुड़े रहे थे।

वाम दलों के कई प्रमुख चेहरे जंतर-मंतर पहुंचे।

इस नजरिए से देखें तो सीजेपी के पहले जमीनी अभियान ने विपक्षी खेमे की दरारों को फिर उजागर कर दिया। ये दरारें लगभग निष्क्रिय हो चुके विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) की आठ जून को नयी दिल्ली में बैठक से पहले और चौड़ी होती दिखीं। यह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के गठबंधन से बाहर होने और राज्य में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ कांग्रेस के गठबंधन के फैसले के बाद ‘इंडिया’ की पहली बैठक होगी।

सीजेपी के प्रदर्शन को शनिवार को ‘आप’ के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और वाम दलों सहित अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मिला।

‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ ‘कॉकरोच’ आंदोलन इस देश के युवाओं में मौजूद भारी आक्रोश और निराशा की अभिव्यक्ति है। (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को उन्हें राष्ट्र-विरोधी कहने के बजाय उनके मुद्दों का समाधान करना चाहिए। ‘आप’ उनकी मांगों का समर्थन करती है। प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए।’’

उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने से पहले दीपके ‘आप’ की सोशल मीडिया इकाई की मुख्य टीम के अहम सदस्य थे। उन्होंने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी के सोशल मीडिया अभियान को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई थी। उस चुनाव में ‘आप’ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराकर भारी जीत दर्ज की थी।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सीजेपी के नेतृत्व वाले प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने सरकार-विरोधी आवाजों का एक समाचार क्लिप साझा करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ ‘गुरूरमंद हुक्मरानों’ तक पहुंचे यह आवाज, सुनो दरवाजे पर खटखटा रहा है ‘बदलाव’, दरारें पड़ गईं किलों में, दरक रही बुनियाद, अब नौजवानों ने भी कर दिया है इंकलाब।’’

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बयान में सीजेपी प्रदर्शनकारियों को ‘‘देश के भाग्य-विधाता और भविष्य’’ बताया।

ठाकरे ने कहा, ‘‘उन्हें ‘कॉकरोच’ कहकर छोटा दिखाना और न्याय से वंचित करना सही नहीं है। नीट के प्रश्न पत्र लीक होने के कारण लाखों युवाओं को नुकसान हुआ। ये सभी पीड़ित युवक-युवतियां अब ‘कॉकरोच’ बनकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। सरकार को उनकी मांगें सुननी होंगी।”

उन्होंने कहा, “कॉकरोच को कमतर मत आंकिए- जंतर-मंतर के आंदोलन ने यही चेतावनी दी है।’’

दीपके महाराष्ट्र के रहने वाले है।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी दीपके की सराहना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कॉकरोच तो परमाणु विनाश के बाद भी बच जाते हैं-उन्हें हल्के में मत लीजिए।’’

इस बीच कांग्रेस ने अलग सुर अपनाया। पार्टी के एक बड़े धड़े को आशंका है कि सीजेपी की डोर ‘आप’ के हाथ में है।

कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने ‘एक्स’ पर एक लंबी पोस्ट साझा कर नीट प्रश्न पत्र ‘‘लीक’’ और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अंक आकलन विवाद को लेकर पिछले एक महीने में देश के विभिन्न राज्यों में पार्टी के छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) द्वारा किए गए प्रदर्शनों का उल्लेख किया।

श्रीनेत ने कहा, ‘‘उन्होंने 47 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी झेली, पानी की बौछारों का सामना किया, उन्हें बेरहमी से पीटा गया, उन पर लाठीचार्ज किया गया, उन्हें गिरफ्तार किया गया और हिरासत में लिया गया। फिर भी, क्या आपने यह सब ‘प्राइम टाइम’ खबरों में देखा? क्या आपने इन युवा भारतीयों का साहस, पसीना, खून और संकल्प देखा?’’

उन्होंने कहा, ‘‘नहीं। आपने नहीं देखा और यही आपको सब कुछ बता देता है कि व्यवस्था किन आवाजों को आगे बढ़ाना चाहती है और किन आवाजों को दबाना चाहती है।’’

राहुल गांधी की मुख्य टीम के सदस्य श्रीवत्स ने सीजेपी के नेतृत्व वाले प्रदर्शन को ‘‘नाकाम’’ और ‘‘दिखावटी’’ बताया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘केजरीवाल ने आज फिर साबित कर दिया कि वह लोगों की तुलना में पत्रकारों और यूट्यूबरों को जुटाने में ज्यादा अच्छे हैं। जंतर-मंतर पर इस नाकाम प्रदर्शन में ‘प्रदर्शनकारियों’ से दोगुने मीडियाकर्मी मौजूद हैं।’’

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने रांची में एक बैठक को संबोधित करते हुए दीपके पर परोक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘विदेश में बैठे कुछ लोग सोचते हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा देंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत का युवा गांव के चौक पर किसान के साथ रहता है, कोचिंग संस्थानों में रहता है, कॉलेज परिसरों में रहता है। भारत का युवा दिल्ली में बैठे कुछ लोगों की मुट्ठी में कठपुतली बनकर आगे नहीं बढ़ने वाला।’’

भाषा

सिम्मी माधव

माधव


लेखक के बारे में