महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस का रुख ‘सामंती मानसिकता’ : स्मृति ईरानी
महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस का रुख ‘सामंती मानसिकता’ : स्मृति ईरानी
नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर महिलाओं के साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने का शनिवार को आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य विधानसभाओं में 2029 से महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने और लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक के संसद के निचले सदन में पारित नहीं होने के बाद विपक्षी पार्टी जश्न मना रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि वे विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलने पर खुशी मना रहे हैं, जबकि विभिन्न दलों की महिला नेता दशकों से इसकी मांग कर रही थीं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस पार्टी ने गर्व से मुस्कुराते हुए, मेजें थपथपा कर, आम महिलाओं की राजनीतिक आकांक्षाओं को कुचले जाने का जश्न मनाया। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस बात का जश्न मनाया कि जिन महिलाओं ने वर्षों तक राजनीति में संघर्ष किया है और जो संसद में केवल 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रही थीं, उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया।’’
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनावों से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।
ईरानी ने दावा किया कि कांग्रेस ने हाल के एक संवाददाता सम्मेलन में महिलाओं को राजनीतिक अधिकार दिलाने के सपने को लगभग 98 वर्षों तक पोषित करने का श्रेय लिया। हालांकि, उन्होंने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में हुई घटनाओं ने पार्टी के असली इरादे को उजागर कर दिया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘संवाददाता सम्मेलन में ऐसा प्रदर्शित किया गया था कि पार्टी (कांग्रेस) ने देश की महिलाओं पर 98 वर्षों तक कोई बड़ा उपकार किया है, लेकिन इन 98 वर्षों में उस सपने का क्या हश्र हुआ? इस देश की महिलाओं ने शुक्रवार को संसद में यह देख लिया।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के रुख को ‘‘सामंती मानसिकता’’ का प्रतिबिंब बताया और आरोप लगाया कि वह संवैधानिक अधिकारों को हक के बजाय राजनीतिक लाभ के रूप में देखता है।
ईरानी ने कांग्रेस के हालिया संवाददाता सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने महिलाओं को उनके उचित प्रतिनिधित्व से वंचित करने के लिए सभी नियमों का उल्लंघन किया। यह एक सामंती मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें यह माना जाता है कि नागरिकों को संवैधानिक अधिकार प्रदान करना उपकार करने के समान है।’’ उन्होंने दावा किया कि यह तंज कसा गया कि भाजपा कुछ लोगों को ‘‘मसीहा’’ के रूप में प्रायोजित कर रही है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा द्वारा महिलाओं पर की गई टिप्पणियों की आलोचना की और उनके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर सवाल उठाया। प्रसाद ने कहा कि भारत में महिलाओं के साथ ‘‘वस्तु’’ जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने (प्रियंका ने) संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि महिलाओं का ‘उपयोग’ किया जा रहा है? क्या इस देश की महिलाएं कोई वस्तु हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है? और कांग्रेस पार्टी की एक महिला सांसद, जो एक प्रतिष्ठित परिवार से आती हैं, यह कह रही हैं। यह किस तरह की भाषा है? क्या भारत की महिलाएं कोई वस्तु हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है?’’
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश

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