Contract Employees Latest Update: प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत! ​मिलेगा इस योजना का लाभ, हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला

Contract Employees Latest Update: प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत! ​मिलेगा इस योजना का लाभ, हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला

Contract Employees Latest Update: प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत! ​मिलेगा इस योजना का लाभ, हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला

Contract Employees Latest Update | Photo Credit: AI

Modified Date: July 4, 2026 / 10:59 am IST
Published Date: July 4, 2026 10:39 am IST
HIGHLIGHTS
  • पारा शिक्षकों की सेवा पेंशन योग्य
  • संविदा अवधि को भी गिना जाएगा
  • उपकार नहीं, कर्मचारी का हक

रांची: Contract Employees Latest Update झारखंड हाईकोर्ट ने पारा शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि नियमित शिक्षक बनने से पहले संविदा पर दी गई सेवा को भी पेंशन योग्य सेवा माना जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने नियमित नियुक्ति के समय पारा शिक्षक के अनुभव को मान्यता दी थी, तो सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन तय करते समय उसी सेवा अवधि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Contract Employees Latest Update जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने धनबाद, गिरिडीह, रामगढ़ और पाकुड़ के पांच सेवानिवृत्त शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि वे पहले आठ से बारह वर्षों तक पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत रहे। बाद में चयन प्रक्रिया के जरिए नियमित इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक बने, लेकिन नियमित सेवा 10 वर्ष से कुछ कम होने के कारण सरकार ने उन्हें पेंशन का लाभ देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि नियुक्ति के समय जिस अनुभव को सरकार ने पात्रता का आधार माना, उसी अनुभव को पेंशन के समय अस्वीकार करना न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने यह भी दोहराया कि पेंशन किसी कर्मचारी पर किया गया उपकार नहीं, बल्कि उसकी वैधानिक सेवा का अधिकार है। यदि किसी कर्मचारी ने बिना किसी सेवा व्यवधान के पहले संविदा और बाद में उसी विभाग में नियमित सेवा दी है, तो पूरी सेवा अवधि को एक साथ माना जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं की पारा शिक्षक के रूप में दी गई सेवा अवधि को पेंशन योग्य सेवा में जोड़ते हुए उनके पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की दोबारा गणना कर निर्धारित समय में भुगतान किया जाए। इस फैसले को राज्य के हजारों पारा शिक्षकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, झारखंड में करीब 2,500 ऐसे पारा शिक्षक हैं, जो भविष्य में इस निर्णय का लाभ उठा सकते हैं। वहीं विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत लगभग 42 हजार संविदा कर्मचारियों के लिए भी यह फैसला एक महत्वपूर्ण कानूनी आधार बन सकता है।

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