न्यायिक हिरासत में विचाराधीन कैदी की मौत पर विवाद, परिजनों का रातभर प्रदर्शन; विपक्ष ने तमिलनाडु सरकार को घेरा
न्यायिक हिरासत में विचाराधीन कैदी की मौत पर विवाद, परिजनों का रातभर प्रदर्शन; विपक्ष ने तमिलनाडु सरकार को घेरा
नागरकोइल (तमिलनाडु), 16 जुलाई (भाषा) यहां उप-जेल में विचाराधीन कैदी एस. सबरी वर्मन की मौत के बाद उनके परिजनों ने दूसरे पोस्टमार्टम और स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर रातभर प्रदर्शन किया। वहीं, विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर तमिलनाडु सरकार की आलोचना की है।
दिव्यांग दुकानदार सबरी वर्मन (35) की 13 जुलाई को न्यायिक हिरासत में कथित तौर पर मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर हाथों और पैरों सहित 19 चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस ने जेल के मुख्य वार्डन समेत तीन जेल कर्मियों को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस प्रकरण में जेल में बंद आठ सह-कैदियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि जेल कर्मियों की गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर की गई।
मृतक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है और वे यहां असरिपल्लम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर दूसरे पोस्टमार्टम और स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर रातभर धरने पर बैठे रहे।
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की सांसद कनिमोझी ने बुधवार रात पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मामले से निपटने के तरीके को लेकर पुलिस तथा सरकार की आलोचना की।
नागरकोइल उप-जेल में कथित ‘‘पुलिस बर्बरता’’ पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कनिमोझी ने कहा, ‘‘हिरासत में हुई इस मौत के तीन दिन बाद भी मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ओर से कोई स्पष्टीकरण या बयान नहीं आया है।’’
उन्होंने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘कोई मंत्री भी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गया। सरकार ने प्रभावित परिवार को राहत देने की भी पहल नहीं की। हमेशा की तरह टीवीके सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय केवल तमाशबीन बनी हुई है।’’
पुलिस अधिकारी के अनुसार, 13 जुलाई की मध्यरात्रि करीब 12 बजे अधिक शोर मचाने को लेकर सह-कैदियों ने बैरक में सबरी वर्मन की कथित तौर पर पिटाई की। इसके बाद हस्तक्षेप करने पहुंचे जेल कर्मियों ने भी उनके साथ मारपीट की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इसे ‘‘भयावह घटना’’ बताते हुए दावा किया कि राज्य में हिरासत में मौत की घटनाएं जारी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक आर. चेल्लास्वामी ने कहा कि मृतक के परिजनों ने उन्हें बताया है कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं और दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं।
पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।
पुलिस के अनुसार, थेंथामरैकुलम पुलिस ने नौ जुलाई को प्रतिबंधित गुटखा बेचने के आरोप में सबरी वर्मन को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि उनकी दुकान से लगभग 200 ग्राम प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद बरामद किए गए थे।
भाषा मनीषा प्रशांत
प्रशांत

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