कोरोना वायरस: देश में संक्रमण के नए मामलों में आई गिरावट

कोरोना वायरस: देश में संक्रमण के नए मामलों में आई गिरावट

कोरोना वायरस: देश में संक्रमण के नए मामलों में आई गिरावट
Modified Date: November 29, 2022 / 08:49 pm IST
Published Date: November 17, 2020 6:16 am IST

नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सामने आने वाले नए मामलों की संख्या चार महीने बाद 30,000 से नीचे रही और इसके साथ ही भारत में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 88.74 लाख हो गई।

इससे पहले संक्रमण के एक दिन में सामने आए नए मामलों की संख्या 15 जुलाई को 30,000 से नीचे रही थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, एक दिन में कोविड-19 के 29,163 मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 88,74,290 हो गई है तथा 449 और लोगों की मौत हो जाने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,30,519 हो गई।

आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण के बाद स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 82,90,370 हो गई है और देश में लगातार सातवें दिन उपचाराधीन संक्रमित लोगों की संख्या पांच लाख से नीचे रही। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मामले 4,53,401 हैं जो कि संक्रमण के कुल मामलों का 5.11 प्रतिशत है।

इसके अलावा, स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 82,90,370 हो गई है, यानी लोगों के स्वस्थ होने की दर 93.42 प्रतिशत हो गई है, जबकि कोविड-19 के कारण मृत्युदर 1.47 प्रतिशत है।

भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख के पार चली गई थी।

वहीं, कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख और 29 अक्टूबर को 80 लाख के पार चले गए थे।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 16 नवम्बर तक कुल 12,65,42,907  नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई, जिनमें से 8,44,382 नमूनों की जांच सोमवार को ही की गई।

देश में अब तक 1,30,519 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र में 46,034, कर्नाटक में 11,541, तमिलनाडु में 11,495, पश्चिम बंगाल में 7,714, दिल्ली में 7,713, उत्तर प्रदेश में 7,393, आंध्र प्रदेश में 6,881, पंजाब में 4,480 और गुजरात में 3,480 लोगों की मौत हुई।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं।

मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।

भाषा सिम्मी मानसी

मानसी


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