भाजपा में काम करने के लिए जगह नहीं मिली, इसलिए पार्टी छोड़ी: अभिनेता देवन

भाजपा में काम करने के लिए जगह नहीं मिली, इसलिए पार्टी छोड़ी: अभिनेता देवन

भाजपा में काम करने के लिए जगह नहीं मिली, इसलिए पार्टी छोड़ी: अभिनेता देवन
Modified Date: August 17, 2026 / 03:11 pm IST
Published Date: August 17, 2026 3:11 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 17 अगस्त (भाषा) एक दिन पहले भाजपा छोड़ने की घोषणा करने वाले अभिनेता एस. देवन ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पार्टी इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें इसमें काम करने के लिए जरूरी ‘‘जगह’’ नहीं मिल रही थी।

देवन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बारे में लोगों में बहुत गलतफहमी है और उसका कोई सांप्रदायिक एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि हालांकि पार्टी में कुछ ऐसे नेता हैं जो समस्याएं पैदा करते हैं।

देवन ने यह भी दावा किया कि वह चुनाव में किसी सीट के लिए भाजपा में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि वह पार्टी के बारे में लोगों की सोच बदलना चाहते थे, क्योंकि अल्पसंख्यक और हिंदू समुदाय के भी कुछ लोग इसे ‘‘डर की नजर से’’ देखते हैं।

देवन ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि वह अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय, के बीच भाजपा की छवि बदल सकते थे। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के साथ उनके घनिष्ठ संबंध हैं और वह पार्टी में ‘प्रचार सचिव’ जैसी भूमिका चाहते थे।

देवन ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन मुझे बिना किसी जिम्मेदारी के उपाध्यक्ष बना दिया गया। बाद में बिना मुझे कोई सूचना दिए उस पद से हटा दिया गया और वह पद आर. श्रीलेखा को दे दिया गया। पार्टी में मुझे इसी तरह की उपेक्षा का सामना करना पड़ा।’’

देवन ने कहा, ‘‘मैंने 2024 के लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान और 2026 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए काम किया। लेकिन मुझे कभी नहीं बताया गया कि पार्टी में मेरी जिम्मेदारियां क्या थीं।’’

देवन ने कहा कि इन परिस्थितियों के चलते वह पिछले कई महीनों से पार्टी छोड़ने के बारे में सोच रहे थे। देवन ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने राजनीतिक संगठन केरल पीपुल्स पार्टी (केपीपी) को फिर से सक्रिय करने के लिए कदम उठाए हैं।

देवन ने कहा कि वह कांग्रेस या मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें इन पार्टियों पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह श्री नारायण धर्म परिपालन (एसएनडीपी) योगम की राजनीतिक शाखा भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) में भी शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह किसी भी जाति में विश्वास नहीं रखते।

भाषा आशीष मनीषा

मनीषा


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