अदालत ने वर्ष 2019 में व्यवसायी की हत्या के मामले में आठ आरोपियों को बरी किया
अदालत ने वर्ष 2019 में व्यवसायी की हत्या के मामले में आठ आरोपियों को बरी किया
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 2019 में व्यवसायी विजेंद्र शर्मा की हत्या के मामले में आरोपी आठ लोगों को बरी कर दिया और कहा कि इस मामले की जांच में ‘‘जांच अधिकारियों द्वारा गंभीर कदाचार और अधिकार के दुरुपयोग’’ का तथ्य सामने आया है।
मामले की सुनवाई कर रहीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चारू अग्रवाल ने कहा, ‘‘सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़, बिना वजह गैर-कानूनी हिरासत, संदिग्ध बरामदगी, मनगढ़ंत गिरफ्तारी मेमो और कानूनी प्रक्रिया का बड़े पैमाने पर उल्लंघन जैसे तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता या हल्के में नहीं लिया जा सकता।’’
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ये सिर्फ गलतियां या चूक नहीं हैं, बल्कि पहली नजर में ये जांच अधिकारियों द्वारा गंभीर कदाचार और अधिकार के दुरुपयोग का एक पैटर्न दिखाते हैं।’’
अदालत व्यवसायी विजेंद्र शर्मा की हत्या के आरोपी अजय शर्मा, चोखे राम दीक्षित, मनीष शर्मा, राज कुमार माहेश्वरी, रोहित गोगिया, राज शर्मा, गिरिराज माहेश्वरी और नीरज भनोट के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थी।
मामले के मुताबिक, 21 अप्रैल 2019 को वेस्ट गोरख पार्क में अपनी दुकान से घर लौटते समय शर्मा पर कथित तौर पर लोहे की रॉड और लाठियों से हमला किया गया था। उन्हें चोटें आईं और तीन दिन बाद गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
शाहदरा पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), धारा 201 (सबूत मिटाना), धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और धारा 34 (सामान्य इरादा) समेत प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों का दोष उचित संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा और कानूनी तौर पर सिर्फ यही रास्ता है कि आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाए।
भाषा शफीक पवनेश
पवनेश

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