Sukesh Chandrashekhar Granted Bail: सुकेश चंद्रशेखर को इस मामले में मिली जमानत, कोर्ट ने रखी ये शर्तें, लेकिन कम नहीं हुई महाठग की मुश्किलें

Sukesh Chandrashekhar Granted Bail: कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दी है।

Sukesh Chandrashekhar Granted Bail: सुकेश चंद्रशेखर को इस मामले में मिली जमानत, कोर्ट ने रखी ये शर्तें, लेकिन कम नहीं हुई महाठग की मुश्किलें

Sukesh Chandrashekhar Granted Bail/Image Credit: X Handle

Modified Date: April 7, 2026 / 06:19 pm IST
Published Date: April 7, 2026 6:17 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को मंगलवार को जमानत दे दी।
  • कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दी है।
  • हालांकि, चंद्रशेखर अपने खिलाफ दर्ज अन्य लंबित मामलों में जेल में ही रहेगा।

Sukesh Chandrashekhar Granted Bail: नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के ‘‘दो पत्तियां’’ चुनाव चिह्न से जुड़े धन शोधन मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को मंगलवार को जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने चंद्रशेखर को पांच लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही रकम के निजी मुचलके पर राहत दी। हालांकि, चंद्रशेखर अपने खिलाफ दर्ज अन्य लंबित मामलों में जेल में ही रहेगा।

क्या कहा न्यायाधीश ने…

न्यायाधीश गोगने ने जमानत प्रदान करते हुए कहा, ‘‘स्वतंत्रता को संविधान में सबसे पवित्र मानक माना गया है। (Sukesh Chandrashekhar Granted Bail) अदालतें विशेष कानूनों या आर्थिक अपराधों को ढाल बनाकर सरकार के साथ साठगांठ करते हुए अपने फैसलों में केवल स्वतंत्रता का उपदेश नहीं दे सकतीं।’’ अदालत ने कहा कि धन शोधन का अपराध गंभीर प्रकृति का है, लेकिन पीएमएलए (धन शोधन रोकथाम कानून) जैसे विशेष कानून का इस्तेमाल आरोपी की स्वतंत्रता पर अदालत के माध्यम से सरकार द्वारा दबाव बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

अदालत की तरफ से कही गई ये बात

Sukesh Chandrashekhar Granted Bail:  न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इस प्रकार, आरोपी के खिलाफ 31 मामलों (वर्तमान मामले सहित) का होना भी इस विशेष मामले में उसके जमानत के अधिकार को प्रभावित नहीं करता, जब कि उसकी हिरासत की अवधि पीएमएलए की धारा 4 के तहत प्रस्तावित सजा की आधी अवधि से अधिक हो गई हो, और खासकर तब जब वह 31 मामलों में से 26 मामलों में पहले ही जमानत पर हो।’’ अदालत ने कहा, ‘‘पिछले कई वर्षों से मूल अपराध और पीएमएलए के तहत वर्तमान शिकायत दोनों मामलों में कार्यवाही प्रभावी रूप से स्थगित होने के कारण, (Sukesh Chandrashekhar Bail News) आरोपी ने न केवल मुकदमे के दौरान अत्यधिक हिरासत झेली है, बल्कि उसे बिना मुकदमे के और भी लंबे समय तक हिरासत में रहना पड़ेगा।’’

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