अदालत ने धन शोधन मामले में पीएफआई के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक को दी जमानत
अदालत ने धन शोधन मामले में पीएफआई के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक को दी जमानत
नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने धन शोधन के एक मामले में प्रतिबंधित संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) से जुड़े एक शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक को जमानत दे दी है।
न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी ने कहा कि वहीदुर रहमान जैनुल्लाबुदीन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण प्रतीत नहीं होती, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सातवीं पूरक अभियोजन शिकायत में पिछले वर्ष मई में उसे पहली बार आरोपी बनाया गया था।
न्यायाधीश ने यह भी कहा कि जैनुल्लाबुदीन और अपराध की आय के बीच कथित ‘वित्तीय संबंध’ केवल 3.15 लाख रुपये का था।
अदालत ने कहा कि चूंकि मुकदमे की सुनवाई अभी जारी है और इसके पूरा होने में काफी समय लगने की संभावना है, इसलिए याचिकाकर्ता को अनिश्चितकाल तक विचाराधीन कैदी के तौर पर रखना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विरुद्ध होगा।
अदालत ने ईडी की इस आपत्ति को भी खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता ने प्रतिबंध के खिलाफ पीएफआई द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था और वह पहले पेट्रोल बम फेंकने की घटना में शामिल था।
अदालत ने कहा, ‘‘उस समय के संदर्भ में विरोध गतिविधियों में भागीदारी, चाहे विरोध का स्वरूप कितना भी अनुचित क्यों न बताया गया हो, इस स्तर पर धन शोधन मामले में जमानत देने से इनकार करने का निर्णायक कारक नहीं माना जा सकता।’’
याचिकाकर्ता 20 मार्च, 2025 से न्यायिक हिरासत में है, जबकि मामला अब भी आरोप पर दलील के चरण में लंबित है।
अदालत ने 29 मई को सुनाए गए फैसले में कहा,‘‘इसलिए यह स्पष्ट है कि मुकदमा काफी लंबा खिंचने की संभावना है, और ऐसी परिस्थितियों में याचिकाकर्ता को अनिश्चित काल तक विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में रखना व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मूलभूत सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा, विशेष रूप से तब जब उसकी व्यक्तिगत भूमिका समय और मात्रा दोनों लिहाज से सीमित प्रतीत होती है।’’
अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता सह-आरोपी एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के. फैजी के समान जमानत पाने का हकदार है, जिन्हें इस मामले में इसी साल की शुरुआत में राहत दी गई थी।
ईडी ने दावा किया है कि जैनुल्लाबुदीन पीएफआई में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक थे और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से ‘घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए’ हैं। एजेंसी ने कहा कि वह एसडीपीआई के खातों में नकद अंतरण करने में भी शामिल थे।
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप

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