अदालत ने विशेष प्रकोष्ठ के मामले में सुकेश, 20 अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया
अदालत ने विशेष प्रकोष्ठ के मामले में सुकेश, 20 अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया
नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को शहर की पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज किए गए एक मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 20 अन्य लोगों के खिलाफ कड़े मकोका प्रावधानों सहित विभिन्न अपराधों के लिए आरोप तय करने का आदेश दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने कहा, “मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि रिकॉर्ड और मामले के आकलन के आधार पर, आरोपियों ने प्रथम दृष्टया अपराध किए हैं। उन पर उक्त अपराधों का आरोप लगाया जाना चाहिए।”
अदालत ने सुकेश के खिलाफ लोक सेवक होने का ढोंग करने, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश रचने के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों और मकोका की धाराओं के तहत संगठित अपराध करने और संगठित अपराध गिरोह के सदस्यों की ओर से बेहिसाब संपत्ति रखने के आरोप तय करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने सुकेश की पत्नी लीना पॉलोस के खिलाफ भी इसी तरह के आरोप तय करने का आदेश दिया, सिवाय इसके कि उन पर सरकारी अधिकारी का ढोंग करने का आरोप नहीं लगाया गया।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि 17 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों और आईटी अधिनियम तथा महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के प्रावधानों के तहत संगठित अपराध करने के आरोप तय किए जाएं।
तीन अन्य लोगों पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए जाने का आदेश दिया गया।
सभी 21 आरोपियों को तीन जून को औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए तलब किया गया है, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू होगी।
आर्थिक अपराध शाखा द्वारा जांच किए गए इस मामले को अदिति एस. सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 15 जून, 2020 को उन्हें अपने मोबाइल फोन पर एक लैंडलाइन नंबर से कॉल आया था, जिसमें कॉलर ने खुद को केंद्रीय कानून मंत्रालय का एक वरिष्ठ अधिकारी बताया और उनके पति और उनकी कंपनियों से संबंधित कानूनी मामलों को सुलझाने में उनकी मदद करने का प्रस्ताव दिया।
अदिति ने दावा किया कि उस व्यक्ति ने काम करवाने के लिए 20 करोड़ रुपये की मांग की और पैसे जमा करने की प्रक्रिया बताई।
इसके बाद, उस व्यक्ति ने अपने साथियों के माध्यम से उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करके साजिश रची और कई मौकों पर लगभग 217 करोड़ रुपये की उगाही की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कॉल करने वाले द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन की तकनीकी निगरानी के बाद, रकम मांगने वाले की पहचान सुकेश के रूप में हुई, जो पहले से ही तत्कालीन अन्नाद्रमुक नेता टी टी वी दिनाकरन से उनकी पार्टी के लिए ‘दो पत्ती’ का चुनाव चिन्ह बरकरार रखने में मदद करने के बहाने पैसे लेने के मामले में रोहिणी जेल में बंद था।
इसमें कहा गया है कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने 7-8 अगस्त, 2021 की दरमियानी रात को सुकेश की जेल कोठरी पर छापा मारा और उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए।
अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि सुकेश से पूछताछ के परिणामस्वरूप उसके सहयोगियों और सह-षड्यंत्रकारियों की पहचान और गिरफ्तारी हुई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, कुछ जेल अधिकारी सुकेश को अलग बैरक और निर्बाध मोबाइल फोन की सुविधा प्रदान करके उसकी मदद कर रहे थे।
इस मामले में कुल 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से एक की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप

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