रैगिंग को लेकर केंद्रीय कानून, दिशा-निर्देश के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई से न्यायालय का इनकार

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रैगिंग को लेकर केंद्रीय कानून, दिशा-निर्देश के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई से न्यायालय का इनकार

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 01:22 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 01:22 PM IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने देश भर के स्कूलों और उच्च माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में छात्रों को परेशान करने और रैगिंग से निपटने के लिए केंद्रीय कानून एवं समान दिशानिर्देश बनाने के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से मंगलवार को इनकार कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत इस जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दों पर पहले ही फैसला सुना चुकी है।

पीठ ने कहा कि इन निर्देशों को लागू करने के लिए नयी याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती।

हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ता यादवी आदित्य रासीवासिया के वकील को संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने की अनुमति दे दी।

याचिका में केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) एवं भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) को पक्षकार बनाया गया था।

याचिका में कहा गया, ‘‘एक रिट, आदेश या निर्देश जारी किया जाए जिसके तहत प्रतिवादी संख्या एक और दो (केंद्रीय मंत्रालयों) को स्कूलों/पूर्व-विश्वविद्यालय (उच्च माध्यमिक शिक्षण संस्थानों) में छात्रों को परेशान करने/रैगिंग की समस्या से निपटने के लिए एक उचित केंद्रीय कानून बनाने और उसे लागू करने का निर्देश दिया जाए।’’

याचिका में प्रस्तावित केंद्रीय कानून के लिए अतिरिक्त दिशानिर्देश बनाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है जिन्हें स्कूल और उच्च माध्यमिक शिक्षण संस्थान अनिवार्य रूप से लागू करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्रों को परेशान किए जाने और रैगिंग से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी ढंग से विचार किया जाए और उनका निपटारा हो।

याचिकाकर्ता ने पाठ्यक्रम में धमकाने और रैगिंग की बुराइयों से संबंधित एक विषय को अनिवार्य रूप से शामिल करने की मांग की।

याचिका में यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है कि सभी केंद्रीय और राज्य शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में ऐसे विषय को शामिल किया जाए।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा