अदालत ने उत्तर प्रदेश में बंदरों के आतंक पर नियंत्रण के लिए कार्य योजना मांगी

अदालत ने उत्तर प्रदेश में बंदरों के आतंक पर नियंत्रण के लिए कार्य योजना मांगी

अदालत ने उत्तर प्रदेश में बंदरों के आतंक पर नियंत्रण के लिए कार्य योजना मांगी
Modified Date: February 27, 2026 / 12:22 am IST
Published Date: February 27, 2026 12:22 am IST

प्रयागराज, 26 फरवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में बंदरों के आतंक के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस संबंध में गठित जिला स्तरीय समिति को इस समस्या पर नियंत्रण के लिए कार्य योजना और उपाय पेश करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने उक्त निर्देश पारित करते हुए इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई की तिथि छह अप्रैल तय की।

गाजियाबाद के विनीत शर्मा और एक अन्य व्यक्ति द्वारा दायर इस जनहित याचिका में बंदरों की बढ़ती संख्या, मानव-बंदर के बीच बढ़ते टकराव आदि जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।

अदालत ने 17 फरवरी को अपने आदेश में कहा, “प्रस्तावित अध्ययन को देखते हुए हमारा आदेश है कि अधिकारी, जिला गाजियाबाद और मथुरा में मौजूद व्यवस्था के तहत कार्य योजना से इस अदालत को अगली सुनवाई से पहले या सुनवाई के दिन अवगत कराएं।”

सुनवाई के दौरान, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कहा कि बंदरों की संख्या जानने और उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक व्यवस्थित क्षेत्रीय सर्वेक्षण की जरूरत है जहां इनकी संख्या अधिक है।

उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत जिला स्तरीय समिति द्वारा इस समस्या पर नियंत्रण के लिए हर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सं राजेंद्र सिम्मी

सिम्मी


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