अदालत ने धोखाधड़ी मामले में नुसरत जहां और एक फिल्म निर्माता के खिलाफ प्राथमिकी पर रोक लगाई

अदालत ने धोखाधड़ी मामले में नुसरत जहां और एक फिल्म निर्माता के खिलाफ प्राथमिकी पर रोक लगाई

अदालत ने धोखाधड़ी मामले में नुसरत जहां और एक फिल्म निर्माता के खिलाफ प्राथमिकी पर रोक लगाई
Modified Date: April 22, 2026 / 07:45 pm IST
Published Date: April 22, 2026 7:45 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को एक मजिस्ट्रेट के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसमें एक निजी कंपनी द्वारा दायर कथित धोखाधड़ी के मामले में अभिनेत्री और तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद नुसरत जहां तथा फिल्म निर्माता देबाशीष दास गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह एक मजिस्ट्रेट अदालत के आठ अप्रैल के आदेश के खिलाफ दायर एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें बदरपुर के थाना प्रभारी (एसएचओ) को दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

पुनरीक्षण याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे उपस्थित हुए।

अदालत ने कहा, ‘आठ जून 2023 के एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत शिकायतकर्ता कंपनी (जेनिथ मीडिया स्कोप प्राइवेट लिमिटेड) ने देबाशीष दास गुप्ता के पास 2 करोड़ रुपये का निवेश किया।

देबाशीष दास गुप्ता ‘मेंटल’ (जो बाद में ‘सेंटिमेंटल’ नाम से रिलीज हुई) नाम की एक बंगाली फिल्म बना रहे थे। आरोप लगाया गया कि याचिकाकर्ता ने धोखाधड़ी करते हुए एमओयू की शर्तों का उल्लंघन किया।’

इसने पुनर्विचार याचिका पर संज्ञान लिया, जिसके अनुसार जनवरी 2024 में रिलीज हुई फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल नहीं रही, लेकिन गुप्ता ने निवेश की गई दो करोड़ रुपये की राशि के बदले शिकायतकर्ता को लगभग 78.25 लाख रुपये लौटाए।

याचिका में कहा गया है कि हालांकि नुसरत जहां एमओयू का हिस्सा नहीं थीं, फिर भी उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

न्यायालय ने कहा, ‘आठ अप्रैल के विवादित आदेश का क्रियान्वयन इस न्यायालय के अगले आदेश तक स्थगित रहेगा। इसके स्वाभाविक परिणाम के तौर पर यदि अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है तो उसे दर्ज न किया जाए। यदि प्राथमिकी पहले ही दर्ज हो चुकी है तो अगले आदेश तक जांच स्थगित रहेगी।’

मामले की अगली सुनवाई 28 मई को होगी।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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