केरल में आईटी कंपनी के बड़े पैमाने पर छंटनी करने की माकपा ने की निंदा
केरल में आईटी कंपनी के बड़े पैमाने पर छंटनी करने की माकपा ने की निंदा
तिरुवनंतपुरम, पांच जुलाई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व श्रम मंत्री वी शिवनकुट्टी ने अमेरिका स्थित एक आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) कंपनी द्वारा कोच्चि और कोझिकोड स्थित अपने कार्यालयों से 850 कर्मचारियों को कथित तौर पर नौकरी से निकाले जाने की रविवार को कड़ी निंदा की।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई नयी श्रम संहिताओं के प्रभाव को दर्शाती है।
कंपनी ने मेडिकल कोडिंग क्षेत्र से जुड़े इन कर्मचारियों को शुक्रवार को नौकरी से निकाल दिया था।
इस छंटनी के बाद, राज्य की श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा ने हस्तक्षेप करते हुए कंपनी को इस फैसले को फिलहाल स्थगित रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने सोमवार को केरल के श्रम आयुक्त के साथ एक बैठक भी बुलाई है।
नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी ने उन्हें मुआवजे की पेशकश की है, लेकिन वे मुआवजा लेने के बजाय अपनी नौकरियां वापस चाहते हैं।
वामपंथी मजदूर संगठन ‘सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस’ (सीटू) के प्रदेश सचिव शिवनकुट्टी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर की गई यह छंटनी नयी श्रम संहिताओं के माध्यम से रोजगार सुरक्षा को कमजोर करने के केंद्र के प्रयास को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, ‘आईटी कंपनी द्वारा 850 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी अत्यंत निंदनीय है। श्रम कानूनों का उल्लंघन करके इस तरह की एकतरफा बर्खास्तगी केरल जैसे राज्य में स्वीकार नहीं की जाएगी।’
शिवनकुट्टी ने कहा कि सीटू तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कोझिकोड में सूचना-प्रौद्योगिकी (आईटी) तथा उससे जुड़ी सेवा वाले क्षेत्रों में कर्मचारी-विरोधी इस कदम के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने कहा, ‘आईटी और इससे जुड़े सेवा क्षेत्रों में मजबूत ट्रेड यूनियन आंदोलनों की कमी ने प्रबंधन को श्रमिक विरोधी तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इन क्षेत्रों में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत ट्रेड यूनियन का होना बेहद जरूरी है।’
सीटू नेता ने कहा कि चूंकि नयी श्रम संहिताएं अभी लागू नहीं हुई हैं, इसलिए श्रमिकों को औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत इस तरह की छंटनी को चुनौती देने का पूरा अधिकार है।
इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एवं राज्यसभा सदस्य ए. ए. रहीम ने छंटनी को केरल के लिए आंखें खोलने वाली घटना बताया और इसके लिए केंद्र के श्रम कानूनों को जिम्मेदार ठहराया।
भाषा सुमित सिम्मी
सिम्मी

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