साइबर ठगीः डिजिटल तौर पर प्राप्त रकम को नकदी में बदलने वाले गिरोह के दो सदस्य गोवा से गिरफ्तार
साइबर ठगीः डिजिटल तौर पर प्राप्त रकम को नकदी में बदलने वाले गिरोह के दो सदस्य गोवा से गिरफ्तार
नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने गोवा से दो कथित साइबर जालसाज़ों को गिरफ्तार कर डिजिटल माध्यम से प्राप्त ठगी की रकम को नकदी में बदलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि इस गिरोह के माध्यम से किए गए लगभग 40 लाख रुपये के लेनदेन का भी खुलासा हुआ है।
अधिकारी ने बताया कि राजस्थान के रहने वाले अर्जुन लाल यादव (29) और दीपेंद्र महाला (25) को दक्षिण गोवा के मडगांव से गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह दिल्ली, गोवा और राजस्थान में सक्रिय था और साइबर धोखाधड़ी से हासिल रकम को गोवा के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के जरिए नकदी में बदलता था।
अधिकारी के मुताबिक, एक शिकायतकर्ता ने यह दावा किया था कि एक सामान्य सॉफ्टवेयर या सिस्टम अपडेट के दौरान उसका मोबाइल फोन हैक हो गया था और इसके बाद अपराधियों ने शिकायतकर्ता और उसकी मां के बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर ली और कुछ ही मिनटों में डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद बाहरी उत्तरी जिले के साइबर थाने में ई-प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि धोखाधड़ी से अंतरित 98,000 रुपये की धनराशि दक्षिण गोवा के वास्को में स्थित एक पेट्रोल पंप को दी गई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया मंच पर सक्रिय एक विशेष फोन नंबर के जरिये संगठित तौर पर डिजिटल धोखाधड़ी से हासिल रकम को नकदी में परिवर्तित करने का काम कर रहे थे।
आरोप है कि धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन भेजा जाता था और भुगतान की पुष्टि होने और कमीशन की कटौती के बाद शेष राशि नकद में सौंप जाती थी।
अधिकारी ने कहा, ‘तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल लेनदेन की जांच से पता चला है कि इस गिरोह के माध्यम से लगभग 40 लाख रुपये का लेनदेन पहले ही हो चुका है।’
तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर, पुलिस की एक टीम ने दक्षिण गोवा में छापा मारा और दो लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने खुलासा किया कि गोवा में ठगी की रकम को नकद में बदलने के बाद उसे कथित रूप से राजस्थान में बैठे आकाओं को भेजा जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.95 लाख रुपये नकद, एक महिंद्रा थार एसयूवी, एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और तीन चेक बुक जब्त की हैं।
भाषा नोमान
नोमान पवनेश
पवनेश

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