चक्रवात यास :तटीय बंगाल के आवासीय क्षेत्रों में भरा पानी

चक्रवात यास :तटीय बंगाल के आवासीय क्षेत्रों में भरा पानी

चक्रवात यास :तटीय बंगाल के आवासीय क्षेत्रों में भरा पानी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:05 pm IST
Published Date: May 26, 2021 1:00 pm IST

कोलकाता, 26 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में दीघा और उसके आसपास के स्थानों पर चक्रवात ‘यास’ की बड़ी मार पड़ी एवं इस पर्यटक शहर में समुद्र तट के निकट की कई सड़कें पानी से भर गयीं एवं लोग छाती भर पानी में आते -जाते नजर आये। ‘यास’ बुधवार सुबह ओड़िशा के तट पर पहुंचा।

पूर्बा मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के कई इलाकों में चक्रवात की वजह से भारी वर्षा हुई। दीघा पूर्बा मेदिनीपुर का ही हिस्सा है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तूफान में फंसे लोगों की मदद के लिए राज्य में सभी जोखिम संभावित स्थानों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 के चलते लगाये गये लॉकडाउन की वजह से बाजार बंद हैं तथा लोग अपने घरों में हैं।

अधिकारी ने बताया कि पूर्बा मेदिनीपुर जिले में कुछ लोग पानी भरी सड़कों पर जाते हुए नजर आये और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गा।

रामनगर में कई इलाके झील की तरह नजर आ रहे थे। राहत अभियान के लिए पहुंचे सेना के जवानों ने जगह जगह पहुंचकर जरूरतमंदों की सहायता की।

शंकरपुर में तट पर स्थित एक विद्यालय का भवन समुद्र की तेज लहर में ढह गया।

दक्षिण 24 परगना जिले के तटीय फ्रैजरगंज में लोग अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित जगह की ओर जाने के लिए जद्दोजेहद करते नजर आये। सड़कों पर पानी भर गया था।

ग्रामीणक्षेत्रों में घरों में पानी घुस गया। एक लैंडमूवर मशीन पलट गयी। अवारा कुत्ते पानी से भरी सड़कों पर तैरते नजर आये। सागर द्वीप पर कपिल मुनि मंदिर का परिसर डूब गया।

कोलकाता एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही रूक रूक कर बारिश एवं तेज हवा चल रही है। नागरिक प्रशासन और आपदा प्रबंधन के कर्मी एवं अधिकारी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

भाषा

राजकुमार उमा

उमा


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