सतर्क रहें, “ड्रिंक एंड ड्राइव” के चलते हुई मौत तो होगी 7 साल की सजा भी…

सतर्क रहें, "ड्रिंक एंड ड्राइव" के चलते हुई मौत तो होगी 7 साल की सजा भी...

सतर्क रहें, “ड्रिंक एंड ड्राइव” के चलते हुई मौत तो होगी 7 साल की सजा भी…
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: December 26, 2017 3:09 pm IST

खबर उन लोगों के लिए है जो ड्रिंक कर ड्राइव करते हैं. ऐसा करने वाले लोग खुद की जान को तो जोखिम में डालते ही हैं साथ में दूसरों की जिंदगी के लिए भी खतरा बन जाते हैं. आंकड़ों की अगर बात की जाए तो भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती हैं. ये आंकड़े साफ बताते हैं कि हमारे देश में सड़क दुर्घटनाओं की समस्था कितनी खतरनाक है. किसी एक शख्स की छोटी सी गलती कई निर्दोष लोगों की जिंदगी को समाप्त कर देती है. 

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भारत सरकार ने नशे में ड्राइविंग की वजह से एक्सीडेंट में होनी वाली मौत के मामले में एक कड़ा कदम उठाया है. दरसअल, अगल कोई व्यक्ति ड्रिंक करके नशे में गाड़ी चलाता है, इस दौरान उसकी मौत होती है तो मृत शख्स सख़्त सज़ा याफ्ता होगा. उस व्यक्ति को 7 साल की सजा होगी। 

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आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट भी सड़क हादसों के दौरान नशे में ड्राइविंग से होने वाली मौतों के लिए कई बार टिप्पणी कर चुका है. कोर्ट ने इस मामले में मौजूदा सजा की अवधि को कम बताते हुए सख्त सजा देने की बात कही थी.  

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ये फ़ैसला बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को मद्देनज़र रखते हुए लिया गया है,  इसके साथ ही मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का खाका भी तैयार किया गया है. संसद की एक स्थायी समिति ने शुक्रवार को राज्यसभा में अमेंडमेंट बिल की रिपोर्ट जमा की. इसमें रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने 15 मुद्दों को लेकर ऐक्ट में संशोधन का प्रस्ताव दिया है. 

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अब आप ये सोच रहे होंगे कि जब नशे में ड्राइविंग करने वाले व्यक्ति की मौत ही हो जाए तो फिर उसे 7 साल की सज़ा का आखिर क्या औचित्य है तो ये ध्यान रखने की जरूरत है कि इसका बड़ा असर पड़ सकता है। मसलन, कई इंश्योरेंस कंपनियां सिर्फ हादसों में एक्सीडेंटल इंश्योरेंस बीमा कवरेज की शर्त रखती हैं और ड्रंकन ड्राइव के मामले में ये राशि नहीं भी दे सकती हैं। इसके साथ ही सज़ायाफ्ता किसी तरह के मुआवजे का हकदार भी नहीं हो सकेगा। इतना ही नहीं, उस व्यक्ति के परिवार के सदस्यों के लिए ये मानसिक तनाव का कारण भी होगा कि मृतक की मौत नशे में गाड़ी चलाने के दौरान हादसे में हुई और वो सज़ायाफ्ता थे। इसलिए एक बात अभी से गांठ बांध लें कि अपनी सुरक्षा, राहगीरों की सुरक्षा और अपने परिवार के भविष्य के लिए कभी भी नशे में गाड़ी चलाने का जोखिम नहीं लें। अगर आप नशे में हैं तो कोई ड्राइवर बुला लें, कैब बुला लें, परिवार के किसी सदस्य को सूचित कर दें, लेकिन कभी भी खुद नशा करके गाड़ी न चलाएं।

 

अर्जुन सिंह, IBC24


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