भावनगर, 23 अगस्त (भाषा) गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से बीमार पड़े दो और लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि तीन अन्य लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दो दिन में पांच लोगों की जान गई है। जहरीली शराब से मारे गए इन दो लोगों की पहचान मुकेश डामोर (36) और भार्गव उपाध्याय (42) के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि इस कांड में मृतकों की संख्या का आंकड़ा 13 तक पहुंच गया है।
उपाध्याय का इलाज एक निजी अस्पताल में किया जा रहा था, जबकि डामोर को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि कुल 67 लोगों ने मेथनॉल मिली जहरीले शराब का सेवन किया था, जो अत्यधिक विषैला पदार्थ होता है।
गुजरात में शराब बनाना, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों ने भारत में निर्मित लोकप्रिय विदेशी शराब (आईएमएफएल) ब्रांड के नाम वाली बोतलों में पैक की गई जहरीली शराब का सेवन किया था।
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि 24 अन्य लोगों का भी पता लगाया गया है जिन्होंने शराब का सेवन किया था और चिकित्सीय जांच में उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई है।
पुलिस ने कहा कि जहरीली शराब से जुड़ी घटना के संबंध में वरतेज थाने में दर्ज प्राथमिकी में नामजद 21 आरोपियों में से 13 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और मद्य निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या, मिलावट और जहर देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
स्थानीय अदालत ने बृहस्पतिवार को आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मामले की जांच राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) को सौंप दी गई है।
यह गुजरात पुलिस की विशेष इकाई है, जो पूरे राज्य में अवैध शराब और जुआ गतिविधियों पर नजर रखती है।
आरोप है कि मध्यप्रदेश के उज्जैन से हिरासत में लिए गए रईस की मदद से वरतेज निवासी गौतम सोलंकी के घर जहरीली शराब तैयार की गई थी।
इस जहरीली शराब को एक आईएमएफएल ब्रांड के लेबल वाली बोतलों में पैक करके सील कर दिया गया था और वितरण के लिए ‘बूटलेगर्स’ को आपूर्ति की गई थी। यह मामला 16 अगस्त की रात वरतेज में शराब के सेवन से तीन दोस्तों की तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आया था। उनमें से एक की बाद में मौत हो गई थी।
मृतक उपेंद्रसिंह गोहिल के खून के नमूने की जांच में मेथनॉल मिला। इसके बाद मौत की अन्य सूचनाएं मिलीं तथा कई अन्य को गंभीर जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भाषा खारी नेत्रपाल
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