नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) देश में रोजमर्रा की जरूरत का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) में नेतृत्व परिवर्तन का दौर देखने को मिल रहा है। कई प्रमुख कंपनियां अपने परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने, वृद्धि को गति देने और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के अनुरूप ढलने के लिए नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त कर रही हैं तथा वरिष्ठ अधिकारियों को पदोन्नत कर रही हैं।
पिछले लगभग 12 माह में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल), गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल), डाबर इंडिया, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और कोलगेट-पामोलिव इंडिया सहित कम से कम आधा दर्जन प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों ने शीर्ष स्तर पर बदलाव की घोषणा की है। नेस्ले इंडिया में इस अवधि से ठीक पहले नेतृत्व परिवर्तन हुआ था।
नेतृत्व में ये बदलाव ऐसे समय में हुए हैं जब एफएमसीजी कंपनियां चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल का सामना कर रही हैं, जो असमान उपभोक्ता मांग, क्षेत्रीय और स्थानीय कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा, तथा लाभप्रदता की सुरक्षा करते हुए मात्रा आधारित वृद्धि दर्ज करने के दबाव से जूझ रही हैं।
कंपनियां भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आपूर्ति-श्रृंखला के व्यवधानों के कारण बढ़ी हुई लागत से भी जूझ रही हैं, जबकि निवेशक टिकाऊ वृद्धि और मार्जिन विस्तार पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
इसके साथ ही, विभिन्न श्रेणियों में प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग उपभोक्ता संभावनाओं को नया रूप दे रही है, जिससे एफएमसीजी कंपनियां अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को पुनर्गठित कर रही हैं और उच्च-मूल्य वाले उपभोग अवसरों का लाभ उठाने के लिए नवाचार क्षमताओं को मजबूत कर रही हैं।
इस महीने की शुरुआत में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) से सुधीर सीतापति के अचानक बाहर निकलने से उद्योग जगत में हलचल मच गई है।
सीतापति का इस्तीफा शेयरधारकों द्वारा उन्हें फिर से पांच साल के लिए नियुक्त किए जाने के कुछ ही दिन बाद आया। अगले दिन जीसीपीएल के शेयर में 11 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आई और यह 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। कंपनी ने समूह के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) आसिफ मालबारी को उनके उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया।
कोलगेट-पामोलिव इंडिया ने नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की है, जिसके तहत प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा नरसिम्हन 27 सितंबर को कामकाज समाप्त होने के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र की व्यापक विपणन भूमिका में स्थानांतरित होंगी। कोलगेट के पूर्व कार्यकारी मनीष आनंदानी को 28 सितंबर से उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया जा रहा है।
प्रिया नायर ने एक अगस्त, 2025 को रोहित जावा की जगह एचयूएल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पदभार संभाला। जावा ने अपने निर्धारित पांच साल के कार्यकाल के पूरा होने से लगभग तीन साल पहले पद छोड़ दिया था।
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के कार्यकारी उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी वरुण बेरी ने एक दशक से अधिक समय तक इस प्रमुख बिस्कुट तथा बेकरी कंपनी का नेतृत्व करने के बाद नवंबर, 2025 में अचानक इस्तीफा दे दिया।
डाबर इंडिया ने अप्रैल, 2026 से हरजीत एस भल्ला को सीईओ (भारतीय व्यवसाय) नियुक्त किया, जबकि मोहित मल्होत्रा को पदोन्नत कर वैश्विक सीईओ बनाया गया।
भाषा पाण्डेय अजय
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