दीपके ने समर्थकों से जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में जुटने की अपील की; कहा – वांगचुक का अनशन जारी है

दीपके ने समर्थकों से जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में जुटने की अपील की; कहा - वांगचुक का अनशन जारी है

दीपके ने समर्थकों से जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में जुटने की अपील की; कहा – वांगचुक का अनशन जारी है
Modified Date: July 19, 2026 / 08:46 pm IST
Published Date: July 19, 2026 8:46 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को अपने समर्थकों से सोमवार को प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च से पहले बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पर एकत्र होने की अपील की। ​​उन्होंने दावा किया कि इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई हो सकती है।

दीपके ने यह भी कहा कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सफदरजंग अस्पताल में जारी है, जहां उन्हें शनिवार को दिल्ली पुलिस ‘‘जबरदस्ती’’ ले गई थी।

शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। वांगचुक 28 जून से नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे थे।

कॉजपा का संसद तक प्रस्तावित मार्च संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हो रहा है। मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।

दीपके द्वारा रातभर धरना स्थल पर डटे रहने की अपील के बाद शनिवार रात और रविवार सुबह भी बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचते रहे। दीपके ने आशंका जताई थी कि 20 जुलाई को संसद मार्च से पहले दिल्ली पुलिस प्रदर्शन स्थल को खाली कराने की कोशिश कर सकती है।

कॉजपा ने प्रदर्शन स्थल की कई तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद दिखाई दिए।

दीपके ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘आपने देखा कि सोनम वांगचुक को जबरन ले जाया गया, लेकिन उनका अनशन अस्पताल में भी जारी है। हमारा प्रदर्शन भी जारी है। कृपया बड़ी संख्या में यहां आएं और पूरी रात यहीं रहें। अगर आप नहीं आएंगे तो वे प्रदर्शन खत्म करने की कोशिश करेंगे।’’

उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रस्तावित संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और समर्थकों से कॉजपा के दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने रविवार को आरोप लगाया कि उनका सफदरजंग अस्पताल पर से भरोसा उठ गया है। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल द्वारा परिवार को बताई गई वांगचुक के पोटैशियम स्तर की जानकारी और एक स्वतंत्र प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में अंतर है।

गीतांजलि ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने परिवार को बताया था कि वांगचुक के शरीर में पोटैशियम का स्तर 2.9 तक गिर गया है और इसे ‘‘खतरनाक’’ बताया था, जबकि लगभग 10 घंटे बाद एक स्वतंत्र प्रयोगशाला में जांच किए गए रक्त नमूने में पोटैशियम का स्तर 3.6 पाया गया।

भाषा शफीक संतोष

संतोष


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