देहरादून में पति, सास-ससुर ने महिला को 10 महीने तक नवजात बच्चों से दूर शौचालय में बंद रखा

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देहरादून में पति, सास-ससुर ने महिला को 10 महीने तक नवजात बच्चों से दूर शौचालय में बंद रखा

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 06:50 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 06:50 PM IST

देहरादून, तीन जून (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र में एक महिला को उसके पति और ससुराल वालों ने कथित तौर पर 10 महीने तक शौचालय में बंद रखा, उसे नाममात्र भोजन-पानी दिया और लोहे की छड़ से उसकी पिटाई की। आरोपियों ने महिला को उसके नवजात जुड़वां बच्चों से भी कथित तौर पर नहीं मिलने दिया।

भाउवाला सैनिक कॉलोनी के एक मकान में रहने वाली साक्षी पर अत्याचार का मामला 30 मई को तब सामने आया, जब उसके माता-पिता स्थानीय ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से किसी तरह उसकी ससुराल में घुसे और उसे शौचालय से बाहर निकाला।

साक्षी के पिता संजीव बहुगुणा की शिकायत के आधार पर सेलाकुई पुलिस थाने में पीड़िता के पति राहुल खंडूरी और सास-ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

शिकायत के मुताबिक, फरवरी 2025 में जुड़वां बच्चों को जन्म देने के कुछ महीने बाद एक जुलाई से साक्षी को अपने ही घर में कैदी बना दिया गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बच्चों के जन्म के साथ ही साक्षी को उनसे अलग कर दिया गया। इसमें दावा किया गया है कि साक्षी को बच्चों को छूने या गोद में लेने तक की इजाजत नहीं थी।

शिकायत के अनुसार, पिछले 10 महीने से साक्षी को हर दिन सुबह नौ-दस बजे कमरे में मौजूद शौचालय में बंद कर दिया जाता था और वह पूरी रात वहीं कैद रहती थी।

इसमें कहा गया है कि संबंधित अवधि में उसे खाने के लिए नाममात्र कच्चे चावल, एक प्याज, नमक और हरी मिर्च दी जाती थी।

बहुगुणा ने आरोप लगाया कि साक्षी को लोहे की छड़, डंडों, कुर्सियों और वाइपर से पीटा जाता था। उन्होंने बताया कि साक्षी के शरीर पर गंभीर चोट के कई निशान हैं।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने बोतलों और छड़ों से साक्षी के निजी अंगों को भी घायल किया तथा मारपीट के दौरान उसके बाल भी उखाड़े गए।

बहुगुणा ने आरोप लगाया कि साक्षी के ससुराल वालों ने उन्हें 10 महीने तक अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया और न ही फोन पर बात कराई।

उन्होंने दावा किया कि वह जब भी फोन करते, साक्षी की सास उन्हें यह कहकर गुमराह कर देती कि साक्षी या तो सो रही है या नहा रही है।

शिकायत के अनुसार, ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से जब बहुगुणा और उनकी पत्नी साक्षी की ससुराल पहुंचे तथा उसे शौचालय से बाहर निकाला, तो वह भ्रमित नजर आ रही थी तथा उसे दिन, महीना या साल भी याद नहीं आ रहा था।

मामले की जांच अधिकारी शशि राणा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भाषा

दीप्ति पारुल

पारुल