CG High Court Notice To IAS Amit Kataria: छत्तीसगढ़ नर्सिंग भर्ती विवाद में नया मोड़, HC ने इस बड़े IAS अफसर को भेजा नोटिस, अवमानना याचिका पर मांगा जवाब

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CG High Court Notice To IAS Amit Kataria: छत्तीसगढ़ नर्सिंग भर्ती विवाद में नया मोड़, HC ने IAS अमित कटारिया को भेजा नोटिस, अवमानना याचिका पर मांगा जवाब

CG High Court Notice To IAS Amit Kataria: छत्तीसगढ़ नर्सिंग भर्ती विवाद में नया मोड़, HC ने इस बड़े IAS अफसर को भेजा नोटिस, अवमानना याचिका पर मांगा जवाब /image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • नर्सिंग भर्ती मामले में हाईकोर्ट ने IAS अमित कटारिया को नोटिस जारी किया
  • याचिकाकर्ताओं ने 2023 के हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया
  • नियमित भर्ती की बजाय संविदा भर्ती का विज्ञापन जारी करने पर भी सवाल उठे

बिलासपुर। CG High Court Notice To IAS Amit Kataria: छत्तीसगढ़ के शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक के पदों पर नियमित भर्ती से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कटारिया (IAS) को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा 9 मार्च 2023 को दिए गए फैसले का तीन वर्ष बाद भी विधि सम्मत पालन नहीं किया गया। यह अवमानना याचिका अभय कुमार किस्पोट्टा, डॉ. अजय त्रिपाठी एवं अन्य की ओर से अधिवक्ता नेल्सन पन्ना, आशुतोष मिश्रा और रूपेश साहू के माध्यम से प्रस्तुत की गई थी। अधिवक्ता नेलशन पन्ना ने बताया कि “यह मामला वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है।

क्या है पूरा मामला?

CG High Court Notice To IAS Amit Kataria याचिकाकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम, 2013 की अनुसूची-III के नोट-2 तथा 8 दिसंबर 2021 की भर्ती विज्ञप्ति के क्लॉज-5 को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 9 मार्च 2023 को दिए गए AFR फैसले में इन प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित करते हुए निरस्त कर दिया था। न्यायालय ने कहा था कि शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक के पदों पर सीधी भर्ती में महिलाओं के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के अनुरूप नहीं है”

याचिका के अनुसार, हाईकोर्ट के फैसले के बाद 15 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर निर्णय की जानकारी देते हुए संशोधित अधियाचन (Revised Requisition) भेजने का अनुरोध किया था, ताकि नियमित भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।  याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इसके बावजूद विभाग ने न तो भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन किया और न ही संशोधित अधियाचन आयोग को भेजा अवमानना याचिका में यह भी कहा गया है कि नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बजाय चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 22 जून 2026 को संविदा भर्ती का नया विज्ञापन जारी कर दिया। इस विज्ञापन को भी अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।

हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

CG High Court Notice To IAS Amit Kataria याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बाद की रिट याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से 15 मार्च 2023 के CGPSC पत्र का उल्लेख किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग को हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी थी, फिर भी उसका पालन नहीं किया गया। अधिवक्ता नेलशन पन्ना ने बताया कि याचिकाकर्ताओं ने इसे न्यायालय के बाध्यकारी आदेश की जानबूझकर एवं सविचारित अवज्ञा (Wilful and Deliberate Disobedience) बताते हुए अवमानना कार्रवाई की मांग की. मामले की सुनवाई करते हुए 23 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कटारिया (IAS) को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सचिव के जवाब के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।

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हाईकोर्ट ने किस अधिकारी को नोटिस जारी किया है?

चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कटारिया (IAS) को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया गया है।

मामला किस भर्ती से जुड़ा है?

शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर और सहायक प्राध्यापक के नियमित पदों पर भर्ती से जुड़ा मामला है।

याचिकाकर्ताओं का मुख्य आरोप क्या है?

उनका आरोप है कि हाईकोर्ट के 9 मार्च 2023 के फैसले का तीन वर्ष बाद भी पालन नहीं किया गया।

हाईकोर्ट ने 2023 के फैसले में क्या कहा था?

अदालत ने महिलाओं के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण वाले प्रावधान को असंवैधानिक घोषित करते हुए निरस्त कर दिया था।

अब इस मामले में आगे क्या होगा?

सचिव अमित कटारिया के जवाब दाखिल करने के बाद हाईकोर्ट मामले की अगली सुनवाई करेगा।