दिल्ली की अदालत ने हत्या के प्रयास मामले में चार लोगों को बरी किया
दिल्ली की अदालत ने हत्या के प्रयास मामले में चार लोगों को बरी किया
नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने हत्या के प्रयास से जुड़े मामले में चार लोगों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। इसमें परवेज, पुनीत और विनय समेत चार लोगों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था, जिनमें धारा 307 (हत्या का प्रयास), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी), 341 (गलत तरीके से रोकना) और 34 (सामान्य आशय) शामिल हैं।
अभियोजन के अनुसार, आरोपियों ने पांच जुलाई 2017 को एक विवाद के बाद शिकायतकर्ता अमित की हत्या का प्रयास किया था।
अदालत ने आठ जून के आदेश में कहा,‘‘ आपराधिक मुकदमे में अभियोजन पर यह जिम्मेदारी होती है कि वह आरोपियों का दोष संदेह से परे साबित करे और यदि कोई संदेह हो तो उसका लाभ आरोपी को मिलना चाहिए।’’
अदालत ने कहा, ‘अभियोजन पक्ष को ‘शायद हुआ’ से ‘निश्चित रूप से हुआ’ तक का पूरा अंतर तय करना होता है। यदि आरोप असंभव या अविश्वसनीय प्रतीत होते हैं तो संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए।’
अदालत ने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता समन के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप स्थापित करने में असफल रहा, इसलिए सभी आरोपियों को बरी किया जाता है।
भाषा शोभना रंजन
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