दिल्ली की अदालत ने एक व्यक्ति को जाली नोट छापने एवं खपाने का दोषी ठहराया
दिल्ली की अदालत ने एक व्यक्ति को जाली नोट छापने एवं खपाने का दोषी ठहराया
नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को नकली नोट छापने एवं उन्हें खपाने का दोषी ठहराया है।
विशेष न्यायाधीश अमित बंसल ने प्रशांत कुमार को भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। हालांकि, अदालत ने चेन्नई निवासी कुमार को भादंसं की धारा 120बी के तहत आपराधिक साज़िश के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इस आरोप को साबित करने में नाकाम रहा।
कुमार गाज़ियाबाद में किराये के मकान में रहता था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा को आठ मई, 2023 को एक ऐसे गिरोह के बारे में जानकारी मिली जो दिल्ली-एनसीआर में नकली नोट छापने और उन्हें बाज़ार में खपाने का काम कर रहा है।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस की एक टीम ने इंद्रप्रस्थ पार्क के पास कुमार को पकड़ा और उसके पास से 200 रुपये मूल्य के 145 जाली नोट एवं 500 रुपये मूल्य के 342 जाली नोट बरामद किए।
बाद की जांच के दौरान, पुलिस ने गाज़ियाबाद के लोनी में अल-नजीर कॉलोनी में किराए के उसके घर की तलाशी ली जहां जाली नोट छापने की एक अत्याधुनिक इकाई का पता चला।
अदालत ने 31 अगस्त के अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ने अपने गवाहों के बयानों के जरिए आरोपों को साबित कर दिया है।
अदालत ने कहा, ‘‘आरोपी ने बताया था कि बरामद उपकरणों और सामग्री का इस्तेमाल नकली नोट बनाने के लिए किया जाना था। यह बात इस तथ्य से साफ़ ज़ाहिर होती है कि ये चीज़ें आरोपी के घर से उसकी ही निशानदेही पर बरामद की गई थीं और उससे पहले उसके पास से बड़ी मात्रा में जाली नोट भी बरामद किए गए थे।’’
इस मामले में सजा के बारे में 10 सितंबर को सुनवाई होगी।
भाषा
राजकुमार अविनाश
अविनाश

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